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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   The High Court rejected the petition filed for higher pay scale of JBT teachers, know the whole case

Himachal: जेबीटी शिक्षकों के उच्च वेतनमान के लिए दायर याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज, जानें पूरा मामला

Thu, 10 Jul 2025 09:21 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 10 Jul 2025 09:21 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने प्राइमरी अस्सिटेंट टीचर (पीएटी) के रूप में नियमित किए गए जूनियर बेसिक प्रशिक्षित(जेबीटी) शिक्षकों की उच्च वेतनमान की मांग को खारिज कर दिया है। 

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The High Court rejected the petition filed for higher pay scale of JBT teachers, know the whole case
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने प्राइमरी अस्सिटेंट टीचर (पीएटी) के रूप में नियमित किए गए जूनियर बेसिक प्रशिक्षित(जेबीटी) शिक्षकों की उच्च वेतनमान की मांग को खारिज कर दिया है। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवॉल दुआ की अदालत ने फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार के उस निर्णय को सही ठहराया है, जिसमें इन शिक्षकों को नियमितीकरण के बाद पहले दो साल तक कम वेतनमान पे बैंड 5910-20200+3000 ग्रेड पे दिया गया था। हालांकि, नियमितीकरण के 2 साल बाद इन्हें बढ़ा हुआ वेतनमान ग्रेड पे दिया गया।

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न्यायालय ने कहा कि भर्ती एवं पदोन्नति नियम और 11 अगस्त 2020 के नियमितीकरण आदेश में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि एक नियमित जेबीटी को प्रारंभिक वेतनमान 5910-20200+3000 ग्रेड पे मिलता है और 2 साल की नियमित सेवा के बाद ही उच्च वेतनमान मिलता है। इन नियमों को चुनौती नहीं दी गई थी और याचिकाकर्ताओं को बिना किसी भेदभाव के अन्य सभी जेबीटी शिक्षकों के समान ही वेतनमान दिया गया था इसलिए उनकी याचिका में कोई योग्यता नहीं पाई गई।

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उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ताओं को 2003 से 2007 के बीच में हिमाचल प्रदेश प्राथमिक सहायक अध्यापक (पीएटी) योजना 2003 के तहत प्राइमरी अस्सिटेंट टीचर के रूप में भर्ती किया गया था। पंकज कुमार बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने इन पीएटी के नियमितीकरण के पक्ष में फैसला सुनाया था, जिसमें यह माना गया था कि उनकी सेवाएं अनियमित नहीं थी। 5 अगस्त 2020 को राज्य सरकार ने पीएटी के नियमितीकरण को मंजूरी दी, जिसमें एक शर्त यह भी थी की नियमितीकरण जेबीटी पद के लिए लागू प्रारंभिक वेतनमान पर होगा।

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14 अगस्त 2020 को याचिका कर्ताओं की सेवाएं जेबीटी के रूप में नियमित कर दी गई। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि उन्हें नियमितीकरण के बाद 2 साल तक प्रोबेशन पीरियड पर रखा गया, जिसके कारण उन्हें उच्च वेतनमान नहीं दिया गया। जबकि जेबीटी भर्ती और पदोन्नति नियमों के नियम 9 के अनुसार परिवीक्षा अवधि उन मामलों में लागू नहीं होती, जहां नियुक्ति अनुबंध, कार्यकाल और सेवानिवृत्ति के बाद पुण्य रोजगार के आधार पर होती है। याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि उन्हें जेबीटी के रूप में नियमितीकरण की तारीख से ही उच्च वेतनमान 10300-34800+4200 ग्रेड पे दिया जाए।

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