हिमाचल: राज्यपाल बोले- छुड़वाने के बजाय नशा देने का काम कर रहे हैं निजी नशामुक्ति केंद्र
राज्यपाल धौलाकुआं में बुधवार को नशा उन्मूलन जागरूकता शिविर में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश में एक बड़े नशा मुक्ति केंद्र की आवश्यकता है।
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राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा है कि नशे से युवाओं को बचाने की जरूरत है। इस दिशा में सभी को मिलकर कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई निजी नशामुक्ति केंद्र इसे खत्म करने की जगह नशा देने का काम कर रहे हैं। राज्यपाल धौलाकुआं में बुधवार को नशा उन्मूलन जागरूकता शिविर में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश में एक बड़े नशा मुक्ति केंद्र की आवश्यकता है। इसके निर्माण की दिशा में प्रदेश सरकार को कदम उठाने चाहिए। निजी स्तर पर जो नशा मुक्ति केंद्र चल रहे हैं, वे कहीं न कहीं नशा खत्म करने की जगह नशा देने का काम कर रहे हैं। यह गंभीर विषय है। इस मामले में प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच की जानी चाहिए। यदि कोई नशा मुक्ति केंद्र ऐसा करते हुए पाया जाता है तो उसे तुरंत निरस्त करते हुए आरोपियों को जेल भेज देना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल सरकार भी विधानसभा में नशे के खिलाफ कानून बनाने जा रही है। इसके लिए वह बधाई की पात्र है। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने घर से शुरू कर गांव व आसपास यह देखना चाहिए कि नशे का प्रयोग न हो सके, शेष काम प्रशासन व पुलिस प्रशासन करेगा। इस काम के लिए हमें एक सैनिक की तरह खड़ा होना पड़ेगा।
राज्यपाल ने धौलाकुआं में खैरी अनुसंधान प्रक्षेत्र का किया उद्घाटन
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने सिरमौर जिले के धौलाकुआं स्थित क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र के अंतर्गत खैरी अनुसंधान प्रक्षेत्र में डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी (सोलन) तथा आईसीएआर - केंद्रीय गौवंश अनुसंधान संस्थान, मेरठ द्वारा आयोजित "किसान मेला एवं नशा उन्मूलन जागरूकता शिविर" में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने खैरी अनुसंधान प्रक्षेत्र का उद्घाटन किया और विद्यार्थियों की नशा जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान राज्यपाल ने नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की अपील की। विशेष रूप से पंचायती राज संस्थाओं एवं महिलाओं से इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय स्तर पर नए सत्र से प्रत्येक विद्यार्थी को नशा न करने का शपथ पत्र देना होगा और यदि कोई विद्यार्थी नशे का सेवन करता पाया गया तो उसका प्रवेश रद्द कर दिया जाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से हिमाचल प्रदेश में "नशामुक्त हिमाचल अभियान" आरंभ किया। प्रारंभ में अपेक्षित सफलता नहीं मिली, लेकिन अब सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।
इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया और विश्वविद्यालय के विभिन्न प्रकाशनों का अनावरण किया। उन्होंने सिरमौर जिला प्रशासन द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की प्रस्तुति देखी और "नमो ड्रोन दीदी" परमजीत कौर से संवाद किया।
कार्यक्रम में डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कुलपति डॉ. राजेश्वर सिंह चंदेल ने राज्यपाल का स्वागत किया और विश्वविद्यालय द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
आईसीएआर केंद्रीय गौवंश अनुसंधान संस्थान, मेरठ के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. संजीव वर्मा ने अनुसूचित जाति के उत्थान में संस्थान की भूमिका पर प्रकाश डाला। अनुसंधान निदेशक डॉ. संजीव चौहान ने राज्यपाल को अनुसंधान केंद्र द्वारा संचालित गतिविधियों से अवगत कराया। सिरमौर जिले के पुलिस विभाग से राधिका तोमर, स्वास्थ्य विभाग से मनोचिकित्सक डॉ. नवदीप तथा जिला कल्याण अधिकारी विवेक अरोड़ा ने नशा उन्मूलन जागरूकता पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव सीपी वर्मा, कार्यकारी उपायुक्त एलआर वर्मा, पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी, अनुसंधान केंद्र, धौलाकुंआ की सह निदेशक डॉ. प्रियंका ठाकुर सहित जिला प्रशासन के अधिकारीगण, गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।