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Shimla News: पेंशनरों की वित्तीय देनदारियों के भुगतान पर फैसला ले सरकार
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पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने दी चेतावनी
अमल न करने पर निगम मुख्यालय का होगा घेराव
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन से 31 अक्तूबर तक पेंशनर्स की सभी वित्तीय देनदारियों के भुगतान पर निर्णय लेने की मांग की है।
समिति ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर पेंशनर्स 3 नवंबर से निगम मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे और मुख्यालय का घेराव करेंगे। एचआरटीसी पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के समन्वयक राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि समिति के पदाधिकारियों ने बैठक कर लंबित मांगों और करीब सात करोड़ रुपये की देनदारियों के भुगतान को लेकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है। समिति की वीरवार को हुई आपात बैठक में आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स अपने हक के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। राजेंद्र ठाकुर और मीडिया सह प्रभारी देवेंद्र चौहान सहित बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन पर पेंशनर्स की लंबित मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स को अपने हक के लिए बुढ़ापे में आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों का समाधान नहीं होने पर पेंशनर्स आंदोलन तेज करेंगे। समिति ने कहा कि निगम में पेंशनर्स की मांगों पर स्थिति स्पष्ट करने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी सामने नहीं आ रहा है। निगम के प्रबंध निदेशक को भी बदल दिया है। अब नए प्रबंध निदेशक पर निर्भर करेगा कि वह पेंशनर्स की समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं। पेंशनर्स उनके फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
समिति ने प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन से 31 अक्तूबर तक पेंशनर्स के वित्तीय लाभ जारी करने के संबंध में निर्णय लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स को अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर न किया जाए। मांगें पूरी नहीं होने पर 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा, जिसे मांगों का समाधान होने के बाद ही समाप्त किया जाएगा।
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अमल न करने पर निगम मुख्यालय का होगा घेराव
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन से 31 अक्तूबर तक पेंशनर्स की सभी वित्तीय देनदारियों के भुगतान पर निर्णय लेने की मांग की है।
समिति ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर पेंशनर्स 3 नवंबर से निगम मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे और मुख्यालय का घेराव करेंगे। एचआरटीसी पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के समन्वयक राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि समिति के पदाधिकारियों ने बैठक कर लंबित मांगों और करीब सात करोड़ रुपये की देनदारियों के भुगतान को लेकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है। समिति की वीरवार को हुई आपात बैठक में आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स अपने हक के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। राजेंद्र ठाकुर और मीडिया सह प्रभारी देवेंद्र चौहान सहित बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन पर पेंशनर्स की लंबित मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स को अपने हक के लिए बुढ़ापे में आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों का समाधान नहीं होने पर पेंशनर्स आंदोलन तेज करेंगे। समिति ने कहा कि निगम में पेंशनर्स की मांगों पर स्थिति स्पष्ट करने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी सामने नहीं आ रहा है। निगम के प्रबंध निदेशक को भी बदल दिया है। अब नए प्रबंध निदेशक पर निर्भर करेगा कि वह पेंशनर्स की समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं। पेंशनर्स उनके फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
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समिति ने प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन से 31 अक्तूबर तक पेंशनर्स के वित्तीय लाभ जारी करने के संबंध में निर्णय लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स को अपनी मांगों के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर न किया जाए। मांगें पूरी नहीं होने पर 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा, जिसे मांगों का समाधान होने के बाद ही समाप्त किया जाएगा।
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