फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   The future of the students efected!

ऐसे में तो खराब हो जाएगा हजारों छात्रों का भविष्य!

Mon, 18 Aug 2014 01:04 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 18 Aug 2014 01:04 PM IST
विज्ञापन
The future of the students efected!

अभिभावक और कॉलेज शिक्षक पीटीए का हिस्सा बनने से इनकार कर रहे हैं। दलील दी जा रही है कि पीटीए शिक्षकों की भर्ती में इन्हें दोहरे नियम मंजूर नहीं। इसी वजह से पीटीए कार्यकारिणी का गठन नहीं हो पा रहा और अस्थायी शिक्षकों की नियुक्तियां रुक गई हैं।

विज्ञापन


सरकार चाहती है कि पुराने पीटीए शिक्षकों को बरकरार रखा जाए और नई नियुक्तियां यूजीसी मानकों के तहत नेट/सेट पास के आधार पर की जाएं। लेकिन एक ही पद के लिए सरकार के दोहरे नियमों को मानने से पीटीए साफ मना कर रही है।
विज्ञापन


इस बीच कॉलेजों में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। राजधानी के तीनों बड़े संजौली, आरकेएमवी और कोटशेरा कॉलेज में अब तक पीटीए की नई कार्यकारिणी नहीं बन पाई है। संजौली में कार्यकारिणी के गठन के लिए दो बार बैठक बुलाई गई, मगर कार्यकारिणी का गठन नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


कॉलेजों में तीन महीने से पढ़ाई शुरू हो चुकी है पर बिना शिक्षक विद्यार्थी क्या करें। कॉलेजों के शेड्यूल के मुताबिक रूसा प्रथम सत्र के 20 हाउस टेस्ट होने हैं। रूसा के तहत तीसरे सत्र की 12 अगस्त से कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में कॉलेजों को हाउस टेस्ट की तिथि को आगे बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

कॉलेजों में शिक्षकों की कमी

The future of the students efected!

राज्‍य के एकमात्र सेंटर ऑफ एक्सीलेंस संजौली कॉलेज में दर्शन शास्त्र और मनोविज्ञान का कोई शिक्षक नहीं है। अभी तक पीटीए शिक्षकों के सहारे काम चलाया जाता रहा मगर इस बार पीटीए शिक्षक भी नहीं हैं।

राजकीय कन्या महाविद्यालय (आरकेएमवी) में पांच शिक्षकों के पद खाली हैं। प्राचार्य प्रो. मीरा वालिया का कहना है कि पीटीए गठन के लिए जल्द ही आम सभा बुलाई जाएगी।

कोटशेरा कॉलेज में आधा दर्जन शिक्षकों के पद खाली हैं। कोटशेरा कॉलेज में भी अब तक यहां पीटीए का गठन नहीं हो पाया है। शिक्षक और अभिभावक पीटीए नियुक्ति में हिस्सा बनने से मना कर रहे हैं।

प्रदेश गवर्नमेंट कॉलेज शिक्षक संघ के अध्यक्ष आरके कायस्थ का कहना है कि रूसा की पहली शर्त रेगुलर शिक्षक हैं। पीटीए नियुक्ति कोई समाधान नहीं है। पीटीए नियुक्ति में सरकार का हस्तक्षेप और दोहरी नीति मंजूर नहीं है। यदि नियुक्ति हो तो नियमों के तहत और मेरिट आधार पर। ऐसा न हुआ तो कॉलेज शिक्षक पीटीए का हिस्सा नहीं बनेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed