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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   The fraud of banks and insurance companies on the loans of farmers, read the whole matter

किसानों के कर्ज पर बैंकों और बीमा कंपनियों का गोरखधंधा, पढ़ें पूरा मामला

Tue, 27 Apr 2021 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 27 Apr 2021 05:00 AM IST
सार

किसान-बागवान बैंक में पूछ रहे हैं कि उनके खातों से जो फसल बीमा का पैसा काटा गया है, उसका उन्हें कोई लाभ मिलने जा रहा है। ज्यादातर बैंक शाखाओं से इसका वाजिब जवाब नहीं मिलता। 

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The fraud of banks and insurance companies on the loans of farmers, read the whole matter
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में किसानों के कर्ज के खातों पर बैंकों और बीमा कंपनियों का गोरखधंधा चल रहा है। कर्ज के खातों से प्रीमियम काटकर कहां जा रहा है, यह किसान-बागवान नहीं जानते हैं। कंपनियां हर कर्जधारक किसान या बागवान के खाते से हजारोें रुपये फसल बीमा के नाम से कटवा रही हैं। खाते से जब पैसा कट जाता है तो बैंक से पता करने पर बताया जाता है कि ये फसल बीमा का प्रीमियम कटा है। हिमाचल प्रदेश में हाल ही में भारी बर्फबारी और ओलावृष्टि से सेब और अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। 

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किसान-बागवान बैंक में पूछ रहे हैं कि उनके खातों से जो फसल बीमा का पैसा काटा गया है, उसका उन्हें कोई लाभ मिलने जा रहा है। ज्यादातर बैंक शाखाओं से इसका वाजिब जवाब नहीं मिलता। किसानों-बागवानों को बताया जाता है कि बीमा कंपनी से बात करें। बीमा कंपनी कौन है, इसकी बहुत से किसानों-बागवानों को जानकारी नहीं होती है। प्रीमियम काटे जाने के बाद उन्हें उसका अता-पता या उससे हुए अनुबंध का कोई भी दस्तावेज नहीं दिया जाता है। बैंकों और बीमा कंपनियों को किसानों-बागवानों के किसान क्रेडिट कार्ड से प्रीमियम काटना बहुत आसान है। नियम यह भी है कि बगैर किसानों-बागवानों की अनुमति से इस तरह की कटौती नहीं की जा सकती है। 
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बरागटा की सरकार से तत्काल समीक्षा करने की मांग 
हिमाचल सरकार के मुख्य सचेतक एवं पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा ने फसल बीमा योजना और केसीसी धारक बागवानों से काटी जाने वाली बीमा राशि की तत्काल समीक्षा करने को कहा है। कहा कि मुख्यमंत्री सभी डीसी को निर्देश दें कि वे बैंकों और बीमा कंपनियों के अधिकारियों से चर्चा करें। 
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सभी डीसी को बीमा कंपनियों से बात करने के आदेश : सीएम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने सभी उपायुक्तों को आदेश दिए हैं कि वे बीमा कंपनियों से बात करें। वे फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए उनके एजेंटों को कहें, जिससे किसानों को मुआवजा मिल सके। 


बागवानों ने सीबीआई जांच करवाने की उठाई मांग
शिमला। बागवान कुलदीप शर्मा और नरेश कुमार आदि ने कहा कि किसानों-बागवानों के खातों से चुपचाप प्रीमियम काटा जा रहा है। इसका लाभ कृषकों को नहीं मिलता है। किसानों-बागवानों ने किसान क्रेडिट कार्ड बनाए होते हैं, उन्हीं से इसे चुपचाप काटा जा रहा है। यह बीमा कंपनियों और बैंकों की मिलीभगत से चल रहा है। फल, सब्जी और फूल उत्पादक संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरीश चौहान ने कहा कि बागवानों ने इसकी सीबीआई जांच करवाने की मांग की है। सोमवार को यह मामला मंत्री महेंद्र सिंह के साथ बैठक में मौजूद बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों के समक्ष भी उठाया गया है। मंत्री ने इस संबंध में बैठक बुलाई थी।

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