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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   The dispute over private school management escalated, parents and students meet the Governor

Shimla: निजी स्कूल प्रबंधन का विवाद बढ़ा, राज्यपाल से मिलने पहुंचे अभिभावक व विद्यार्थी

Fri, 20 Sep 2024 12:22 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 20 Sep 2024 12:22 PM IST
सार

राजधानी के सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल संजौली में पढ़ाई कर रहे एक हजार विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। 

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The dispute over private school management escalated, parents and students  meet the Governor
राज्यपाल से मिलने पहुंचे अभिभावक व विद्यार्थी - फोटो : संवाद

विस्तार

राजधानी के सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल संजौली में पढ़ाई कर रहे एक हजार विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। स्कूल प्रबंधन के बीच चल रहा विवाद बढ़ने से विद्यार्थियों का सत्र के बीच में क्या होगा इसको लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। पैरामाउंट पब्लिक स्कूल एजूकेशन सोसायटी जो सरकार की रजिस्ट्रार सोसायटी के पास पंजीकृत है ने 12 सालों से कार्य कर रहे प्रधानाचार्य मनदीप राणा के साथ तीन अन्य शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। इस निलंबन के बाद स्कूल में पढ़ा रहे सभी शिक्षकों ने गुरुवार को सामूहिक इस्तीफे दे दिए।

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हालांकि निलंबित प्रधानाचार्य मनदीप राणा के आग्रह पर शिक्षकों ने यह इस्तीफे वापस ले लिए। शुक्रवार सुबह स्कूल के 60 छात्र और अभिभावक राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचे। अभिभावकों व स्कूल प्रबंधन के बीच चल रहे विवाद के सुलझ जाने तक स्कूल को संचालित करने के लिए प्रशासक की नियुक्ति किए जाने, स्कूल के प्रधानाचार्य और शिक्षकों के निलंबन को रद्द करने और स्कूल में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने जैसी मांगों को लेकर पीटीए के उपाध्यक्ष विजय शर्मा की अगुवाई में स्कूल के विद्यार्थी अभिभावकों के साथ राज्यपाल से मिले।
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कई बार उठा चुके हैं मांग : केके शर्मा 
सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल के पीटीए अध्यक्ष केके शर्मा ने कहा कि वह स्वयं प्रधानाचार्य और शिक्षकों के साथ चार बार जिला प्रशासन के समक्ष स्कूल में प्रशासक तैनात करने की मांग कर चुके हैं। विधानसभा सत्र के दौरान उन्होंने शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव से मुलाकात कर यह मांग की थी। इसके बावजूद अभी तक स्कूल में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। स्कूल में शिक्षकों और गैर शिक्षकों सहित 70 कर्मचारियों का भविष्य भी दांव पर लगा हुआ है। शिक्षकों का आरोप है कि उनको वेतन भी समय पर नहीं मिल रहा। 

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