बंद होनी चाहिए संगठन में स्वागत करने की रिवायत: जयराम
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि संगठन में स्वागत करने की रिवायत बंद होनी चाहिए। समय की बरबादी के साथ यह फिजूलखर्ची है। कोई गुलदस्ते लेकर खड़ा है तो कोई फूलों के हार लेकर। कई जगह तो लंबी लाइनें लगी होती हैं। इस परंपरा में बदलाव की जरूरत है। भाजपा कार्यसमिति की बैठक में समापन सत्र को संबोधित करते हुए जयराम ने कहा कि सरकार भी इसे गंभीरता से लेगी।
उन्होंने कहा कि कार्यसमिति की इस बैठक में मैं इसका प्रस्ताव लाता हूं जबकि सरकारी तौर पर भी इसके प्रयास होंगे। मंत्रिमंडल की बैठक में भी यह प्रस्ताव लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई बार देखा गया है कि बड़ी उम्र के लोग पांव छूते हैं। यह दिल को चुभता है। अच्छा नहीं लगता। हम बड़ों का आशीर्वाद लेते हैं लेकिन, बड़े जब छोटों के पांव छू लें तो यह अच्छा नहीं लगता।
संवाद और सहयोग से ही सफल होगा मिशन रिपीट
सीएम ने कहा कि संवाद संगठन की मजबूती की अहम कड़ी है। रामायण काल में राम-लक्ष्मण और महाभारत में श्रीकृष्ण-अर्जुन को भी संवाद और सहयोग की बदौलत ही सफलता मिली थी। मिशन रिपीट का भी यह आधार बनेगा। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने इतिहास रचा। उपचुनाव भी भाजपा के पक्ष में रहा। अब सरकार रिपीट नहीं होने के मिथक को तोड़कर नया रिकॉर्ड बनाना है। इसके लिए संगठन के लोगों को एकजुट होकर सरकारी योजनाएं जन-जन तक पहुंचानी होंगी।
गोल्डन जुबली ईयर में होंगे 51 कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष हम हिमाचल की स्थापना की गोल्डन जुबली मना रहे हैं। बजट में इसका एलान किया है। इसके तहत प्रदेश में 51 कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसकी शुरुआत मंडी में प्रदर्शनी लगाकर की गई है। अमूमन, प्रदर्शनियों में वर्तमान सरकार अपनी उपलब्धियां ही दिखाती है। लेकिन, मंडी शिवरात्रि से यह परंपरा शुरू की गई है कि अब तक के मुख्यमंत्री के कार्यकाल में शुरू हुई जन कल्याण की योजनाओं और वर्तमान की झलक एक साथ दिखे।