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Shimla News: न्यायालय ने सदर थाना की दर्ज हत्या की एफआईआर की रद्द

Mon, 16 Feb 2026 11:50 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Feb 2026 11:50 PM IST
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The court quashed the murder FIR registered at Sadar police station.
मां ने छह दोस्तों पर बेटे की हत्या का लगाया था आरोप
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जांच में गिरने से मौत की बात आई सामने
अदालत ने पहली कैंसिलेशन रिपोर्ट के बाद दोबारा करवाई जांच, पॉलीग्राफ टेस्ट में भी आरोपियों की संलिप्तता नहीं मिली
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सदर थाना में दर्ज हत्या की एफआईआर को न्यायालय ने रद्द कर दिया है। थाना में 30 सितंबर 2016 को आईपीएस की धारा 302, 34 के तहत एफआई दर्ज की थी।
सत्या देवी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनके बेटे दिनेश कुमार की उसके दोस्तों इंद्र, प्रेम, सुरेश, राजू, दिनेश और दलीप ने मिलकर हत्या की। घटना 10 सितंबर, 2016 की रात की बताई गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर थाना सदर में एफआईआर दर्जकर मामले के हर पहलू की गहनता से जांच की। इसमें आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट भी किया गया। सभी पहलुओं की जांच में पाया कि आरोपियों का इसमें कोई हाथ नहीं था। पुलिस के मुताबिक दिनेश कुमार शौच के लिए निकला था। इस गिरकर उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने पहली बार क्लोजर रिपोर्ट अदालत में दाखिल की। इसको देखते हुए अदालत ने पुलिस को मामले की दोबारा जांच के आदेश दिए। पुलिस ने दोबारा सभी तथ्यों की पड़ताल की लेकिन फिर भी यही निष्कर्ष निकला कि आरोपियों का इसमें कोई संबंध नहीं है। पुलिस के मुताबिक उनकी बाद की गतिविधियां भी संदिग्ध नहीं पाई गईं। 19 जनवरी, 2024 को दूसरी कैंसिलेशन रिपोर्ट अदालत में पेश की गई। अदालत ने इसके बाद दिनेश कुमार के माता-पिता और पत्नी को समन जारी किया, लेकिन वे पेश नहीं हुए। उन्हें 31 मई 2024 के आदेश से एक्स-पार्टी घोषित कर दिया गया।
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अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कोर्ट नंबर 2 शिमला एकांश कपिल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। कोर्ट को जांच एजेंसी के निष्कर्षों से असहमत होने का कोई आधार नहीं पाया। इसके साथ ही दिवंगत के वारिसों का पेश न होना भी इस बात का संकेत माना गया कि उन्हें जांच पर कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद सभी तथ्यों और पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अदालत ने एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया है। पुलिस फाइल एसएचओ सदर को भेजी जाएगी और कोर्ट के कागजात रिकॉर्ड रूम में भेज दिए जाएंगे।
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