कोरोना वायरस ने रोके चूड़धार जाने वाले श्रद्धालुओं के कदम, महादेव के दर्शन को पहुंचते थे हजारों
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कोरोना महामारी ने चूड़धार जाने वाले श्रद्धालुओं के कदम रोक दिए हैं। श्रावण माह में चूड़धार में हजारों श्रद्धालु पहुंचते थे, लेकिन इस वर्ष सभी रास्तों में सन्नाटा पसरा है। जिला सिरमौर, शिमला, सोलन के आराध्य देव शिरगुल महाराज के दर्शन को इन जिलों से ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों के अलावा बाहरी राज्यों से भी श्रद्धालु आते हैं। कोरोना के चलते इस बार चूड़धार यात्रा पर रोक है। कुछ लोग चोरी-छिपे पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां शिरगुल महाराज के दर्शन नहीं हो रहे हैं। मंदिर के कपाट बंद हैं। वहां न तो रहने और न ही खाने की कोई व्यवस्था है। गौरतलब है कि नवंबर से 15 अप्रैल तक चूड़धार के कपाट भारी बर्फबारी के चलते बंद रहते हैं। इस बार कोरोना के कारण मंदिर के कपाट अभी तक बंद हैं।
चूड़धार की यात्रा हिमाचल की कठिनतम यात्राओं में शुमार है। 11900 फीट की ऊंचाई और नौहराधार से लगभग 14 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़कर श्रद्धालुओं को शिरगुल महाराज के दर्शन होते हैं। पथरीले और भटकाऊ रास्तों में कई लोग जान भी गंवा चुके हैं। ऐसा पहली बार है, जब श्रावण माह में मंदिर के कपाट बंद हैं। कोरोना के चलते होटल कारोबारी, ढाबा चलाने वालों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। चूड़ेश्वर सेवा समिति के प्रधान जोगेंद्र सिंह चौहान, नायब तहसीलदार काकू राम ने बताया कि इस साल यात्रा पर रोक है। कारोबारी राजेंद्र पुंडीर, रणविजय, सुरेश चौहान, राजेंद्र सिंह, रविंद्र चौहान ने बताया कि इस साल कोरोना संकट के कारण कारोबार पूरी तरह से ठप है।