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Shimla News: गाद के सामने फेल हो गए कंपनी के करोड़ों के प्रोजेक्ट

Wed, 02 Jul 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Jul 2025 11:59 PM IST
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The company's projects worth crores failed due to silt
गिरि में ट्यूब सेटलर नहीं रोक पा रहे गाद
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कई सालों से चल रही यही समस्या, नहीं निकला समाधान

अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में बरसात के दिनों में गाद से पहली बार पानी का संकट नहीं हुआ है। हर साल शहर की जनता बरसात में यह परेशानी झेलती है। लेकिन हैरानी यह है कि पेयजल कंपनी आज तक इस समस्या का हल नहीं निकाल पाई। गाद रोकने के लिए करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं, लेकिन यह सभी फेल हो गए हैं।

कंपनी के अनुसार गिरि में गाद रोकने के लिए ट्यूब सेटलर लगाए हैं। गुम्मा में भी गाद रोकने के लिए व्यवस्था की है। लेकिन पानी में गाद इतनी ज्यादा है कि यह सभी फेल हो रहे हैं। कंपनी के अनुसार ट्यूब सेटलर भी एक सीमा तक ही गाद को रोक सकते हैं लेकिन भारी बारिश से गिरि में गाद इतनी बढ़ रही है कि मलबा और पत्थर तक टैंकों में पहुंच रहे हैं। इस पानी को लिफ्ट करने से पंपिंग मशीनरी भी खराब हो सकती है। गाद के बाद टैंकों की सफाई करवाई जाती है ताकि लोगों को साफ पानी मिल सके। पेयजल कंपनी का कहना है कि पानी में गाद की मात्रा एक हजार एनटीयू से कम होने पर ही सप्लाई शुरू की जा सकती है। लेकिन अभी गाद की मात्रा 7 हजार एनटीयू से ज्यादा पहुंच रही है। गाद का सबसे बड़ा कारण गिरि के किनारे फेंका गया मलबा है। ठियोग छैला सड़क के किनारे बड़े पैमाने पर की गई अवैध डंपिंग से शिमला शहर में पानी का संकट हो गया है।
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खलीनी में भी पानी के लिए मारामारी
शहर के खलीनी वार्ड में भी पानी के लिए मारामारी मच गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार बुधवार को चौथे दिन भी वार्ड में पानी नहीं मिला है। इस क्षेत्र में हैंडपंप और बावड़ियों की भी कमी है। ऐसे में लोगों को पीने के लिए बाजार से पानी खरीदना पड़ रहा है। वार्ड से पूर्व पार्षद पूरनमल ने कहा कि पिछले पांच साल में पहली बार पानी का ऐसा संकट देखा है। कहा कि नगर निगम को इस बारे में पेयजल कंपनी से जवाब मांगना चाहिए। खलीनी में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। कहा कि कांग्रेस शासित नगर निगम लोगों को पीने लायक पानी तक मुहैया नहीं करवा पा रहा है।
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