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चीनी करेगी मुंह कड़वा, केंद्र सरकार ने लगाया झटका

Wed, 28 Jan 2015 11:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 28 Jan 2015 11:16 AM IST
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The Central Government has stopped sugar subsidy money.

प्रदेश के साढ़े सोलह लाख उपभोक्ताओं को मिल रही सस्ती चीनी पर संकट के बादल छा गए हैं। केंद्र सरकार ने चीनी की सब्सिडी का पैसा रोक दिया है।

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मार्च-अप्रैल में चीनी के टेंडर होने हैं। ऐसे में सरकार की चिंता बढ़ गई है कि कैसे स्थिति को संभाला जा सके। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने भी चीनी की सब्सिडी का पैसा जारी करने के लिए केंद्र मंत्रालय में अधिकारियों और मंत्री से भी मुलाकात की है।
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परिवहन निगम के अधिकारी भी लगातार पैसा रिलीज करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिख रहे हैं। प्रदेश में राशनकार्ड उपभोक्ता आटा, चावल और दालें लें या नहीं, लेकिन निगम के आंकड़ों के मुताबिक सभी उपभोक्ता राशनकार्ड पर चीनी लेते हैं।
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अपने स्तर पर खरीदनी पड़ेगी चीनी

The Central Government has stopped sugar subsidy money.

राशनकार्ड पर प्रति उपभोक्ताओं को 600 ग्राम के हिसाब से चीनी दी जा रही है। प्रदेश में 4698 मिट्रिक टन चीनी की खपत हो रही है।

केंद्र सरकार पहले उपभोक्ताओं को सब्सिडी पर चीनी की सप्लाई देती थी, लेकिन अब केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार को खुद अपने स्तर पर चीनी खरीदने और बिल केंद्र सरकार को भेजने को कहा है।

खाद्य आपूर्ति निगम का कहना है कि केंद्र को चीनी खरीददारी के बिल भेजे गए हैं, लेकिन अभी तक पैसा नहीं मिला है।

खाद्य आपूर्ति मंत्री जीएस बाली ने कहा कि केंद्र सरकार से चीनी की सब्सिडी का पैसा रिलीज करने को केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की गई है। 80 करोड़ रुपये के आसपास केंद्र सरकार से सब्सिडी का पैसा लेना है।

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