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Shimla News: विवि का श्रीखंड छात्रावास का भवन रहने को सुरक्षित

Mon, 03 Mar 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Mar 2025 11:59 PM IST
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The building of Shrikhand hostel of the university is safe to live in
जियोलॉजिस्ट की रिपोर्ट में क्लीन चिट
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अब विवि प्रशासन लेगा छात्रावास आवंटन का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के श्रीखंड छात्रावास को लेकर जियोलॉजिस्ट की रिपोर्ट आ गई है। इसमें बताया है कि छात्रावास के भवन को कोई खतरा नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार इस भवन में छत के पानी और आसपास के पानी की ड्रेनेज व्यवस्था को सुधारने, छत की मरम्मत करने के साथ इसके बनाए बेस को और मजूबत बनाने के लिए डंगों का निर्माण जरूरी है।

गौरतलब है कि कुछ माह पहले छात्रों ने छात्रावास के भवन में कंपन होने की शिकायत की थी। इसके बाद विवि प्रशासन ने इस छात्रावास को खाली करवा दिया था। विवि के चीफ वार्डन प्रो. आरएल जिंटा ने माना कि रिपोर्ट के अनुसार भवन को कोई खतरा नहीं है। इसे रहने के लिए और सुरक्षित बनाने को जरूरी कार्य करवाने को कहा है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट को विवि के कुलपति और कुलसचिव को भेजा जाएगा, इसके बाद प्रशासन ही इस छात्रावास में छात्रों को ठहरने के लिए अनुमति देगा। उन्होंने बताया कि छात्रावास भवन अगस्त में कुलपति के आदेशों पर खाली करवाया गया था। उन्होंने कहा कि प्रशासन तय करेगा कि छात्रावास मरम्मत के कार्य के बाद आवंटित किया जाएगा नहीं।
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हॉस्टलों की मेस चलाने
से वर्करों ने किया इन्कार
विवि में हुई बैठक में भी नहीं सुलझा मामला
बोले, यह उनकी ड्यूटी का नहीं है हिस्सा
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के तीन बॉयज छात्रावासों की मेस चलाने से वर्करों ने इन्कार कर दिया है। उनका तर्क है कि वह इसकी सिरदर्दी नहीं लेंगे। मेस को चलाने के लिए कोई और व्यवस्था की जाए।
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विवि के चीफ वार्डन प्रो. आरएल जिंटा ने सोमवार को तीनों छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों, वार्डनों, छात्रावास परफेक्ट, मेस वर्करों, ईसी और कोर्ट सदस्यों के साथ बैठक की। बैठक में मेस वर्करों ने मेस चलाने से मना कर दिया। मेस वर्करों ने ईसी और कोर्ट सदस्य के साथ विवि प्रशासन को लिखित में इस जिम्मेदारी से मुक्त करने का आग्रह किया है। उनका तर्क है कि यह उनकी ड्यूटी का हिस्सा नहीं है, वह सामान खरीद से लेकर उसे बनाने और परोसने का कार्य एक साथ नहीं कर पा रहे हैं।

मेस वर्करों ने मांग की कि या तो मेस को कोऑपरेटिव आधार पर चलाया जाए या ठेके पर दिया जाए। इन मेस को चलाने को प्रशासन अलग से मैनेजर तैनात करें जो पूरी जिम्मेदारी को निभाएं। वर्ष 2013 में न्यायालय के आदेशों पर बॉयज छात्रावासों की मेस को मेस वर्कर से चलाने को कहा गया था। विवि के चीफ वार्डन प्रो. आरएल जिंटा ने कहा कि छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों, वार्डन और वर्करों के साथ बैठक करने के बाद इनकी बात सुनी गई है। बैठक की रिपोर्ट के आधार पर मामला प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा, वहां से जो आदेश आएंगे उसी आधार पर छात्रावासों की मेस संचालित की जाएगी। कन्या छात्रावासों में कोआपरेटिव आधार पर सभी मेस चल रहे है।
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