कोरोना मामलों में टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट जरूरी, सीएम ने डीसी को जारी किए निर्देश
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में कोविड-19 मामलों में बढ़ोतरी से उत्पन्न स्थिति को लेकर सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक की। कहा कि इस समय माइक्रो कंटेनमेंट जोन के माध्यम से प्रभावी निगरानी कर कोविड मामलों की टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट बहुत जरूरी है। उन्होंने सभी डीसी को कोविड जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग सुनिश्चित करे कि कोरोना वैक्सीन की कम से कम बरबादी हो। कहा कि सरकार ने कोविड मरीजों के लिए बिस्तरों की क्षमता में तीन हजार तक वृद्धि के लक्ष्य को लगभग पूरा कर चुकी है। आपातकालीन स्थिति का सामना करने के लिए बिस्तरों की क्षमता को पांच हजार तक बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रदेश में दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों और ऑक्सीजन की कमी नहीं है। सरकार ने एहतियात के तौर पर अतिरिक्त तीन हजार डी-टाइप ऑक्सीजन सिलिंडरों का भंडारण किया है। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ कोविड-19 रोगियों के साथ प्रभावी संपर्क बनाएं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़े। वरिष्ठ चिकित्सक कोविड वार्डों का नियमित दौरा करें। अस्पतालों में उचित साफ-सफाई रखी जाए। होम आइसोलेशन प्रणाली को सुदृढ़ बनाया जाए। आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला और युवक मंडलों को होम क्वारंटीन में मरीजों के परिजनों से संपर्क में रहने को प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने आइजीएमसी, टांडा मेडिकल कॉलेज, राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय चंबा और नेरचौक के कोविड वार्डों में तैनात चिकित्सकों, नर्सों वार्ड बॉय और स्वच्छता कर्मियों से बातचीत की और निस्वार्थ सेवाओं के लिए उनका आभार जताया।
बाहर से आने वाले सख्ती से करें नियमों का पालन, नहीं तो कार्रवाई : सीएम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को वर्चुअल माध्यम से सुंदरनगर में 12 करोड़ से निर्मित 50 बेड वाले मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वालों को सरकार के नियमों की सख्ती से पालना करने की हिदायत दी। अन्यथा कड़ी कार्रवाई की बात कही। कहा कि प्रदेश में आने वाले लोगों से 72 घंटे पहले किए गए आरटीपीसीआर परीक्षण की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से साथ लाने या उन्हें 14 दिनों की अवधि के लिए अपने निवास स्थान पर होम आइसोलेशन में रहने का आग्रह किया है। प्रदेश में कोविड-19 मामलों की संख्या में वृद्धि चिंता का विषय है।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के निर्वाचित प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सभी मानक संचालन प्रक्रियाओं और दिशा-निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में सरकार प्रदेश के लोगों को सर्वोत्तम स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। सुंदरनगर अस्पताल के उद्घाटन से क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री के साथ स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी शिमला से और सुंदरनगर से प्रदेश भाजपा प्रवक्ता अजय राणा, भाजपा मंडलाध्यक्ष प्रकाश ठाकुर और उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर और विधायक राकेश जम्वाल भी मौजूद रहे।
परौर सत्संग परिसर में एक हजार बिस्तरों का अस्थायी अस्पताल बनाएंगे: जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि संकट के समय में जो निजी अस्पताल मदद कर सकते हैं, उन्हें आगे आना चाहिए। निजी अस्पतालों से मदद के लिए शिमला लौटकर बैठक कर अहम निर्णय लिया जाएगा। इससे पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने धर्मशाला में जिला कांगड़ा में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राधास्वामी सत्संग परिसर परौर को एक हजार बिस्तरों तक की क्षमता वाले अस्थायी अस्पताल में परिवर्तित कर इसे शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस वायरस के प्रसार को रोकने के लिए पर्याप्त मात्रा में पीपीई किट्स, फेस मास्क, सैनिटाइजर और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हैं। प्रदेश में ऑक्सीजन भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। प्रदेश सरकार का प्रमुख बिस्तरों की क्षमता में वृद्धि करना है। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी राजकीय स्नातकोत्तर आयुर्वेदिक महाविद्यालय पपरोला का भी दौरा किया। उन्होंने कहा कि इस आयुर्वेदिक महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन में कोविड-19 रोगियों के लिए अतिरिक्त 50 बिस्तरों की सुविधा सृजित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अस्पताल में बिस्तरों की क्षमता 100 तक बढ़ाई जाए।