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हिमाचल में वित्तीय संकट: नेताओं के बाद अब अधिकारियों के वेतन पर भी अस्थायी रोक, छह माह तक स्थगित; जानें
Sun, 19 Apr 2026 05:32 PM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 19 Apr 2026 05:32 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में नेताओं के अलावा मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, डीजीपी जैसे वरिष्ठ अधिकारियों की 30 प्रतिशत सैलरी अस्थायी तौर पर स्थगित रहेगी। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह व्यवस्था अप्रैल 2026 के वेतन (जो मई में वितरित होगा) से लागू होगी। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल में आर्थिक संकट।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में वित्तीय संकट के बीच प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन का एक हिस्सा अस्थायी रूप से स्थगित करने का आदेश जारी किया है। इस फैसले के तहत मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और डीजीपी जैसे उच्च पदों पर कार्यरत अधिकारियों की 30 प्रतिशत वेतन अगले छह माह तक रोका जाएगा। जबकि सचिव, विभागाध्यक्ष, आईजी, डीआईजी, एसपी और वन विभाग के अधिकारियों के 20 प्रतिशत वेतन पर अस्थायी रोक रहेगी। नोटिफिकेशन देखें
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सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह व्यवस्था अप्रैल 2026 के वेतन (जो मई में वितरित होगा) से लागू होगी। सरकार का कहना है कि यह कदम राज्य की कमजोर आर्थिक स्थिति को संभालने और वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। साथ ही बोर्ड, निगम, पीएसयू, विश्वविद्यालय और अनुदान प्राप्त संस्थाओं को भी इस व्यवस्था को अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह वेतन कटौती नहीं, बल्कि अस्थायी स्थगन है और रोकी गई राशि भविष्य में वित्तीय स्थिति सुधरने पर जारी की जाएगी। यह राशि पेंशन और लीव एनकैशमेंट जैसे लाभों में भी शामिल होगी। ई-सैलरी सिस्टम में इसका पूरा विवरण उपलब्ध रहेगा। ऋण ले रहे अधिकारियों को राहत देते हुए सरकार ने विकल्प दिया है कि वह आवेदन कर ईएमआई कटने के बाद बची राशि पर ही स्थगन लागू करवा सकते हैं।
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सीएम की 50% कटेगी सैलरी
वहीं, हिमाचल प्रदेश सरकार ने आगामी छह महीने के लिए मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, हिमाचल विधानसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष व विधायकों के वेतन का हिस्सा स्थगित (डेफर) करने की अधिसूचना जारी कर दी है। शनिवार को सामान्य प्रशासन विभाग (संसदीय कार्य मामले) की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अगले छह माह के लिए मुख्यमंत्री के वेतन का 50 प्रतिशत, उपमुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के सदस्यों व हिमाचल विधानसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के वेतन का 30 प्रतिशत और विधानसभा सदस्यों के वेतन का 20 प्रतिशत अस्थायी रूप से स्थगित रहेगा।
वेतन के स्थगित भाग को कटौती नहीं
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि वेतन के स्थगित भाग को कटौती के रूप में नहीं समझा जाएगा और इसे बाद में किसी ऐसी तारीख को जारी किया जाएगा, जैसी राज्य की वित्तीय स्थिति के आधार पर सरकार की ओर से विनिश्चित की जाए । यह उपाय अस्थायी प्रकृति का है और वित्तीय संसाधनों का कुशलतापूर्वक प्रबंधन करने के लिए एक सामूहिक प्रयास के रूप में किया जा रहा है। अधिसूचना मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से जारी की गई है।
बजट में हुई थी वेतन का हिस्सा डेफर करने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने 21 मार्च को बजट पेश करते हुए आर्थिक संकट के बीच अपना, उप मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों, सियासी ओहदेदारों और अधिकारियों का वेतन 3 से 50 फीसदी तक छह महीने के लिए स्थगित करने की घोषणा की थी। इसमें ग्रुप-ए व ग्रुप-बी के अधिकारियों के वेतन का तीन प्रतिशत हिस्सा अस्थायी रूप से डेफर किया गया था। हालांकि, सरकार ने प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों का तीन फीसदी वेतन छह माह के लिए स्थगित (डेफर) करने का फैसला 15 अप्रैल को वापस ले लिया था। रिकांगपिओ में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह एलान किया था।
वहीं, हिमाचल प्रदेश सरकार ने आगामी छह महीने के लिए मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, हिमाचल विधानसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष व विधायकों के वेतन का हिस्सा स्थगित (डेफर) करने की अधिसूचना जारी कर दी है। शनिवार को सामान्य प्रशासन विभाग (संसदीय कार्य मामले) की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार अगले छह माह के लिए मुख्यमंत्री के वेतन का 50 प्रतिशत, उपमुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के सदस्यों व हिमाचल विधानसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के वेतन का 30 प्रतिशत और विधानसभा सदस्यों के वेतन का 20 प्रतिशत अस्थायी रूप से स्थगित रहेगा।
वेतन के स्थगित भाग को कटौती नहीं
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि वेतन के स्थगित भाग को कटौती के रूप में नहीं समझा जाएगा और इसे बाद में किसी ऐसी तारीख को जारी किया जाएगा, जैसी राज्य की वित्तीय स्थिति के आधार पर सरकार की ओर से विनिश्चित की जाए । यह उपाय अस्थायी प्रकृति का है और वित्तीय संसाधनों का कुशलतापूर्वक प्रबंधन करने के लिए एक सामूहिक प्रयास के रूप में किया जा रहा है। अधिसूचना मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से जारी की गई है।
बजट में हुई थी वेतन का हिस्सा डेफर करने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने 21 मार्च को बजट पेश करते हुए आर्थिक संकट के बीच अपना, उप मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों, सियासी ओहदेदारों और अधिकारियों का वेतन 3 से 50 फीसदी तक छह महीने के लिए स्थगित करने की घोषणा की थी। इसमें ग्रुप-ए व ग्रुप-बी के अधिकारियों के वेतन का तीन प्रतिशत हिस्सा अस्थायी रूप से डेफर किया गया था। हालांकि, सरकार ने प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों का तीन फीसदी वेतन छह माह के लिए स्थगित (डेफर) करने का फैसला 15 अप्रैल को वापस ले लिया था। रिकांगपिओ में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह एलान किया था।