300 साल पुराना मां दमाशन का पांच मंजिला मंदिर राख, एक करोड़ का नुकसान
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जिला कुल्लू के निरमंड की कुश्वा पंचायत में 300 साल पुराना माता दमाशन का पांच मंजिला मंदिर शनिवार रात आग में जल गया। अग्निकांड में एक करोड़ से ज्यादा के नुकसान का अनुमान है। यह मंदिर प्राचीन काष्ठकुणी शैली में लकड़ी से बना हुआ था।
आग में मंदिर भवन, उसमें रखा मां का रथ, अष्टधातु की सात मूर्तियां, अष्टधातु के छह मोहरे, चांदी के तीन बड़े मोहरे, तीन करनाल, चांदी के दो ढोल, चांदी की छड़ी, चांदी की दो दराटी, चांदी का दनेरा, थाली, दौ चौरियां, सात ढोल, एक नगाड़े सहित अन्य सामान आग में जल गए। प्रशासन, अग्निशमन विभाग और सीआईएसएफ के जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और साथ लगते घरों को बचाया।
पुलिस थाना ब्रौ के प्रभारी धर्म सिंह ने बताया कि निरमंड के दमाशन मंदिर में शनिवार रात करीब दस बजे आग की सूचना पर पुलिस दल मौके पर रवाना हुआ। ग्रामीणों ने घरों से पानी लाकर आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन लकड़ी से बना पांच मंजिला मंदिर राख के ढेर में तबदील हो गया। रात करीब 1:30 बजे रामपुर से अग्निशमन दल और एसजेवीएन में तैनात सीआईएसएफ के जवान मौके पर पहुंचे। इस टीम ने साथ लगते घरों को जलने से बचाया। रविवार सुबह छह बजे तक टीम डटी रही।
मंदिर का करवाया जाएगा पुनर्निर्माण : किशोरीलाल
रविवार को मौके पर पहुंचे आनी के विधायक किशोरी लाल ने ग्रामीणों को मंदिर के पुनर्निर्माण का आश्वासन दिया। उधर, एसडीएम आनी चेत सिंह ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर करीब एक करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। प्रशासन भाषा कला एवं संस्कृति विभाग के माध्यम से फिर से मंदिर निर्माण का प्रयास करेगा।