ईपीएफ का 3.59 करोड़ भी डकार गई टेक्नोमैक कंपनी
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इंडियन टेक्नोमैक कंपनी से प्रदेश सरकार आबकारी एवं कराधान समेत विभिन्न विभागों की करीब 6 हजार करोड़ रिकवरी होनी है। इकाई ने कामगारों की ईपीएफ राशि भी इस गोलमाल का शिकार हो गई है।
कंपनी प्रबंधन ने इकाई में कार्यरत रहे हजारों कामगारों के वेतन से भविष्य निधि की राशि तो लगातार काटी, लेकिन ईपीएफ कार्यालय में जमा नहीं कराई। ऐसे में कर्मियों का करीब 3.59 करोड़ रुपया भी डकार लिया गया।
वर्ष 2014 में इटकोल कंपनी जगतपुर बंद हो गई थी। इसके बाद ईपीएफ विभाग के अधिकारियों की ओर से नियुक्त किए गए लिक्विडेटर ने चंडीगढ़ के समक्ष दावा पेश किया है।
बता दें कि पांवटा के जगतपुर में वर्ष 2008 से 2014 तक चली कंपनी में कभी हजारों कामगार कार्यरत रहे। इन मजदूरों के मासिक मानदेय से भविष्य निधि राशि को काटा जाता रहा।
शुरुआती वर्षों में तो कंपनी ने ईपीएफ राशि को संबंधित विभाग कार्यालय में जमा करवा, लेकिन कुछ वर्षों की ईपीएफ राशि मजदूरों से काटने के बावजूद दफ्तर में जमा नहीं कराई। वहीं, ईपीएफ राशि का कंपनी प्रबंधन ने लंबित राशि का कोई भुगतान ही नहीं किया, जिसका लिक्विडेटर चंडीगढ़ के समक्ष दावा पेश किया गया है।
उधर, कर्मचारी भविष्य निधि विभाग के इंफोर्समेंट ऑफिसर अशोक शर्मा ने कहा कि कंपनी के पास ईपीएफ की करीब 3.59 करोड़ की राशि लंबित है। विभाग की तरफ से ईपीएफ राशि को नियुक्त किए गए लिक्विडेटर के समक्ष दावा पेश किया गया है। अदालत में भी कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया।