{"_id":"5f3291378ebc3e4ae4460223","slug":"teachers-will-be-called-in-government-schools-according-to-the-need-directives-issued-by-directorate-of-higher-education","type":"story","status":"publish","title_hn":"जरूरत के हिसाब से सरकारी स्कूलों में बुलाए जाएंगे शिक्षक, उच्च शिक्षा निदेशालय ने जारी किए निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जरूरत के हिसाब से सरकारी स्कूलों में बुलाए जाएंगे शिक्षक, उच्च शिक्षा निदेशालय ने जारी किए निर्देश
Tue, 11 Aug 2020 06:17 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 11 Aug 2020 06:17 PM IST
विज्ञापन
उच्च शिक्षा निदेशालय
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल के सरकारी स्कूलों में 13 अगस्त से शिक्षकों और गैर शिक्षकों को जरूरत के हिसाब से बुलाया जाएगा। मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला अधिकारियों सहित स्कूल प्रिंसिपलों और हेडमास्टरों को निर्देश जारी कर दिए हैं। शिक्षकों और गैर शिक्षकों को अपने स्टेशन भी नहीं छोड़ने की हिदायत दी गई है। स्कूलों में नोट्स बनाने, इन नोट्स को बच्चों को घरों तक पहुंचाने का काम शिक्षकों से लिया जाएगा। इसके अलावा ऑनलाइन पढ़ाई की निगरानी का काम भी करना होगा। विद्यार्थियों के लिए 31 अगस्त तक स्कूल बंद ही रहेंगे। संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा प्रमोद चौहान की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि निर्देश नहीं मानने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोरोना संकट के चलते 20 मार्च के बाद से सरकारी स्कूल बंद चल रहे हैं।
विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को भी स्कूलों में नहीं बुलाया जा रहा है। कुछ जिलों में उपायुक्तों ने शिक्षकों की ड्यूटियां जरूर लगाई हैं। जुलाई में भी शिक्षकों को स्कूलों में बुलाने की तैयारी शुरू हुई थी हालांकि शिक्षा निदेशालय ने इस फैसले को वापस ले लिया था। अब उच्च शिक्षा निदेशालय ने मंगलवार को पत्र जारी कर स्पष्ट किया है कि 13 अगस्त से प्रिंसिपल और हेडमास्टर जरूरत के हिसाब से शिक्षकों को बुला सकते हैं। बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई से संबंधित काम शिक्षकों से लिए जाएंगे। जिन बच्चों के पास मोबाइल फोन नहीं हैं। उनके लिए नोट्स बनाए जाएंगे। यह नोट्स बच्चों तक पहुंचाने का काम भी शिक्षकों से लिया जाएगा। गैर शिक्षकों को भी सरकारी कार्य के लिए स्कूल में आना पड़ेगा। शिक्षा निदेशालय ने सभी प्रिंसिपलों, हेडमास्टरों, शिक्षकों और गैर शिक्षकों को अपने स्टेशन नहीं छोड़ने के आदेश भी दिए हैं।
विज्ञापन
विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को भी स्कूलों में नहीं बुलाया जा रहा है। कुछ जिलों में उपायुक्तों ने शिक्षकों की ड्यूटियां जरूर लगाई हैं। जुलाई में भी शिक्षकों को स्कूलों में बुलाने की तैयारी शुरू हुई थी हालांकि शिक्षा निदेशालय ने इस फैसले को वापस ले लिया था। अब उच्च शिक्षा निदेशालय ने मंगलवार को पत्र जारी कर स्पष्ट किया है कि 13 अगस्त से प्रिंसिपल और हेडमास्टर जरूरत के हिसाब से शिक्षकों को बुला सकते हैं। बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई से संबंधित काम शिक्षकों से लिए जाएंगे। जिन बच्चों के पास मोबाइल फोन नहीं हैं। उनके लिए नोट्स बनाए जाएंगे। यह नोट्स बच्चों तक पहुंचाने का काम भी शिक्षकों से लिया जाएगा। गैर शिक्षकों को भी सरकारी कार्य के लिए स्कूल में आना पड़ेगा। शिक्षा निदेशालय ने सभी प्रिंसिपलों, हेडमास्टरों, शिक्षकों और गैर शिक्षकों को अपने स्टेशन नहीं छोड़ने के आदेश भी दिए हैं।
विज्ञापन