बन गया शिक्षकों का ट्रांसफर एक्ट, अब इस तरह होंगे तबादले
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शिक्षकों के ऑनलाइन ट्रांसफर करने का साफ्टवेयर महाराष्ट्र की कंपनी तैयार करेगी। शिक्षा विभाग ने कंपनी के प्रतिनिधियों को पत्र लिखकर हिमाचल आने को कहा है। इसी कंपनी ने हरियाणा सरकार के लिए भी साफ्टवेयर तैयार किया है।
शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन तबादले करने का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को सौंप दिया है। प्रस्ताव के तहत प्रदेश को पांच जोन में बांटा गया है। दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों में सभी शिक्षकों को सेवाएं देना अनिवार्य किया गया है।
सामान्य क्षेत्रों से जहां पांच साल वहीं दुर्गम क्षेत्रों से तीन साल बाद शिक्षकों के तबादले किए जाएंगे। आपसी आधार पर होने वाले तबादलों पर पूर्व प्रतिबंध रहेगा।
बीते दिनों विभिन्न शिक्षक संगठनों के साथ भी विभागीय अधिकारी इस एक्ट को लेकर चर्चा कर चुके हैं। अब इस एक्ट को कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए लाया जाएगा।
राज्यपाल से मंजूरी मिलते ही एक्ट लागू
कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद एक्ट विधानसभा में पेश किया जाएगा। बताया जा रहा है कि कैबिनेट से पास करवा कर इस एक्ट को विधानसभा भेजने के बजाये सीधे राजभवन भी भेजा जा सकता है। राज्यपाल से मंजूरी मिलते ही एक्ट को लागू कर दिया जाएगा।
प्रदेश में कर्मचारियों के सबसे बड़े विभाग से ऑनलाइन ट्रांसफर साफ्टवेयर को लागू करने की तैयारी है। शिक्षा विभाग में प्रयोग करने के बाद अन्य विभागों में भी इसे लागू किया जाएगा। भाजपा शासित कई राज्यों में इस एक्ट को लागू किया गया है।
ऐसे में जयराम सरकार पर इसको लेकर काफी दबाव है। शिक्षा विभाग ने इस नई व्यवस्था को अपने सौ दिनों के लक्ष्य के तहत भी शामिल किया है। ऐसे में संभावित है कि अप्रैल महीने तक शिक्षा विभाग में आनलाइन तबादलों का एक्ट लागू हो जाएगा।