एचपीयू शिक्षक भर्तीः अब पूरी करनी होगी ये शर्त
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय अब असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए नेट (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) अनिवार्य करने जा रहा है। पीएचडी धारक को भी अब पूर्व की तरह यूजीसी के नियमों के तहत छूट नहीं मिलेगी, बल्कि उसे भी नेट पास करना जरूरी हो जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले और यूजीसी की नई गाइडलाइन के तहत विवि प्रशासन शिक्षक भर्ती नियमों में बदलाव करने जा रहा है। इस मसले पर ईसी में अंतिम मुहर लगेगी। इस फैसले का असर नई शिक्षक भर्ती पर भी पड़ेगा। विवि प्रशासन शिक्षकों के 200 नए पद भरने जा रहा है।
इसके लिए 4500 से अधिक आवेदन आ चुके हैं। अब अगर नेट की शर्त पर ईसी में मुहर लगती है तो सैकड़ों आवेदकों को झटका लग सकता है। विवि प्रशासन सितंबर 2014 में विज्ञापित शिक्षक के पदों लिए नए सिरे से नेट की शर्त लगाकर आवेदन मंगा सकता है।
अब तक थी ये पात्रता
आठ सितंबर 2014 को विज्ञापित असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों के लिए नेट/एसएलईटी/एसईटी अनिवार्य शर्त थी। लेकिन इसमें यूजीसी के रेग्युलेशन-09 के तहत पीएचडी करने वालों को उक्त पात्रता शर्त से छूट देकर पात्र माना गया था। इसमें आवेदनकर्ता पीएचडी को संबंधित विश्वविद्यालय से प्रमाण पत्र देना अनिवार्य था कि उसने पीएचडी डिग्री यूजीसी के तय मानकों के तहत की है।
विवाद से बचना चाह रहा है विवि प्रशासन
सात माह पूर्व शुरू की गई शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से पहले विवि प्रशासन विवाद से बचना चाह रहा है। पहले से ही कई मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। अब विवि प्रशासन यूजीसी के तय मानकों और सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ही आगे बढ़ेगा, ताकि भर्ती प्रक्रिया अधर में न लटके।
कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी का कहना है कि शिक्षक भर्ती के लिए नेट पास होना जरूरी करने जा रहे हैं। इस मामले को ईसी में ले जाकर पद दोबारा विज्ञापित करने या आगामी प्रक्रिया पर फैसला लिया जाएगा।