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Shimla News: पदोन्नतियां न होने पर विवि में शिक्षकों ने किया प्रदर्शन
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एचपीयू में एक घंटे तक चलना धरना-प्रदर्शन
शिक्षकों ने नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के तहत लंबित पदोन्नतियों की बहाली की मांग को लेकर मंगलवार को प्रदेश के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों ने प्रदर्शन किया।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला, कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर और सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी सहित विभिन्न संस्थानों में यह प्रदर्शन किए गए। 500 से अधिक शिक्षक ने सड़कों पर उतरकर प्रमोशन न होने पर रोष जताया। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में शिक्षकों ने दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक एक घंटे का सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान शिक्षकों ने नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ रोष जताया और सीएएस के तहत लंबित पदोन्नतियों को तत्काल प्रभाव से बहाल करने की मांग की। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से पदोन्नतियां रोके रखना उनके कॅरिअर और मनोबल दोनों को प्रभावित कर रहा है।
शिक्षकों की प्रमुख मांगों में लंबित सभी सीएएस पदोन्नतियों की तुरंत बहाली, पदोन्नति को पूर्व प्रभाव से लागू कर वित्तीय लाभ देना लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा और भविष्य में पदोन्नति प्रक्रिया को नियमित करना शामिल है। शिक्षकों ने कहा कि कई बार सरकार का ध्यान इस ओर दिलाया गया लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया। धरने के दौरान शिक्षकों ने निर्णय लिया कि वह जल्द ही राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांगों को सीधे उनके समक्ष रखेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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एचपीयू में धरने में शामिल शिक्षकों को संबोधित करते हुए डॉ. अशोक बंसल ने कहा कि सरकार को इस मुद्दे का जल्द समाधान करना चाहिए। डॉ. शशिकांत ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। डॉ. संजय ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की जबकि डॉ. सुरेंद्र ने सरकार पर शिक्षकों की अनदेखी का आरोप लगाया। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर और सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में भी शिक्षकों ने प्रदर्शन कर सीएएस बहाली की मांग दोहराई। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के महासचिव डॉ. नितिन व्यास ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
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शिक्षकों ने नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के तहत लंबित पदोन्नतियों की बहाली की मांग को लेकर मंगलवार को प्रदेश के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों ने प्रदर्शन किया।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला, कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर और सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी सहित विभिन्न संस्थानों में यह प्रदर्शन किए गए। 500 से अधिक शिक्षक ने सड़कों पर उतरकर प्रमोशन न होने पर रोष जताया। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में शिक्षकों ने दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक एक घंटे का सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान शिक्षकों ने नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ रोष जताया और सीएएस के तहत लंबित पदोन्नतियों को तत्काल प्रभाव से बहाल करने की मांग की। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से पदोन्नतियां रोके रखना उनके कॅरिअर और मनोबल दोनों को प्रभावित कर रहा है।
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शिक्षकों की प्रमुख मांगों में लंबित सभी सीएएस पदोन्नतियों की तुरंत बहाली, पदोन्नति को पूर्व प्रभाव से लागू कर वित्तीय लाभ देना लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा और भविष्य में पदोन्नति प्रक्रिया को नियमित करना शामिल है। शिक्षकों ने कहा कि कई बार सरकार का ध्यान इस ओर दिलाया गया लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया। धरने के दौरान शिक्षकों ने निर्णय लिया कि वह जल्द ही राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांगों को सीधे उनके समक्ष रखेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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एचपीयू में धरने में शामिल शिक्षकों को संबोधित करते हुए डॉ. अशोक बंसल ने कहा कि सरकार को इस मुद्दे का जल्द समाधान करना चाहिए। डॉ. शशिकांत ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। डॉ. संजय ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की जबकि डॉ. सुरेंद्र ने सरकार पर शिक्षकों की अनदेखी का आरोप लगाया। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर और सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में भी शिक्षकों ने प्रदर्शन कर सीएएस बहाली की मांग दोहराई। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के महासचिव डॉ. नितिन व्यास ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।