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सद्बुद्धि यज्ञ के बाद विधानसभा घेरेंगे शिक्षक, अनशन की भी दी चेतावनी

Tue, 16 May 2017 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 16 May 2017 12:02 AM IST
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Teachers Protest at HP Vidhan Sabha on 27th may.

शिक्षकों की मांगों की लगातार अनदेखी से नाराज राजकीय अध्यापक संघ सरकार से सीधे तौर पर टकराव के मूड में है। 27 मई को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान प्रदेश भर से हजारों शिक्षक शिमला पहुंचकर विरोध जताएंगे।

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संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने सोमवार को शिमला में प्रेस वार्ता में बताया कि 27 मई को सुबह विधानसभा के बाहर सद्बुद्धि यज्ञ किया जाएगा। इसके बाद विधानसभा का घेराव किया जाएगा। 15 जून से सभी जिलों में उपायुक्त कार्यालयों के बाहर हवन किए जाएंगे।
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इसके बाद भी मांगें नहीं मान जाने पर संगठन सचिवालय के बाहर आमरण अनशन करेगा। चौहान ने कहा कि शिक्षकों के ड्रेस कोड का संघ समर्थन करता है लेकिन शिक्षा निदेशक का यह कहना गलत है कि शिक्षक कक्षाओं में अजीब कपड़े पहनकर आते हैं।
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उन्होंने कहा कि रविवार को संघ ने अन्य शिक्षक संघों को भी शिमला में बैठक के लिए बुलाया था लेकिन किसी भी संघ का सदस्य चर्चा के लिए नहीं आया। वीरेंद्र चौहान ने उच्च शिक्षा निदेशक पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपनी कुर्सी बचाने के चक्कर में लगे हुए हैं। सरकार के आदेशों की निदेशक अवहेलना कर रहे हैं।

शिक्षक संघ की ये हैं मांगे
गुणात्मक शिक्षा के संबंध में प्रारंभिक शिक्षा द्वारा अक्तूबर 2005 और सितंबर 2006 में जारी की गई अधिसूचनाओं की बहाली की जाए। 4-9-14 से संबंधित साल 2013, 2014 की अधिसूचनाओं को रद्द किया जाए। विवादित संशोधित ग्रेड पे पहली जनवरी 2006 से लागू की जाए। दो साल की शर्त को हटाया जाए। अध्यापक वर्ग को एनजीओ की तर्ज पर जेसीसी का प्रावधान किया जाए।

पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए। अनुबंध अध्यापकों को प्रथम नियुक्ति की तारीख से सभी लाभ दिए जाएं। शास्त्री और भाषा अध्यापकों को टीजीटी पदनाम दिया जाए। पीजीटी के स्थान पर प्रवक्ता पदनाम की बहाली की जाए। शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 62 साल की जाए। सभी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में डीपीई के पद का प्रावधान कर इनके दोहरे वेतनमान को समाप्त किया जाए।


अर्जित अवकाश को 300 दिन पूरे होने पर भी खाते में जमा करने की व्यवस्था की जाए। एससीईआरटी का पूरा नियंत्रण स्कूल कैडर को दिया जाए। संयुक्त निदेशक स्कूल कैडर की व्यवस्था की जाए। सभी डाइट में उप शिक्षा निदेशक के पदों का सृजन किया जाए। प्रधानाचार्यों की नियमित पदोन्नति की जाए। प्रवक्ता से मुख्य अध्यापकों की पदोन्नति पर वेतन संरक्षण का प्रावधान किया जाए। पीटीए अध्यापकों को सेवा अवधि के आधार पर तत्काल नियमित किया जाए। टीजीटी से पीजीटी पदोन्नति पर विकल्प से संबंधित अप्रैल 2010 की अधिसूचना को रद्द किया जाए।

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