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Teachers Day: 12 दिन के वेतन में महीने भर बच्चों को पढ़ा रहीं पूनम और जागृति
Mon, 05 Sep 2022 11:15 AM IST
Krishan Singh
पंकज तन्हा, संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)
पंकज तन्हा, संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 05 Sep 2022 11:15 AM IST
सार
दो महिला शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए अपनी तरफ से 100 फीसदी योगदान दे रही हैं। दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्र में बनी इस पाठशाला में कोई नियमित शिक्षक आने को तैयार नहीं है। पाठशाला में दो एसएमसी शिक्षक विद्यार्थियों का भविष्य संवारने में लगी हैं।
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टीजीटी पूनम चौहान और भाषा अध्यापक जागृति शर्मा।
- फोटो : संवाद
विस्तार
केवल 12 दिन का वेतन मिलने के बावजूद हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के सुरला खंड की क्यारी पाठशाला की दो महिला शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए अपनी तरफ से 100 फीसदी योगदान दे रही हैं। दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्र में बनी इस पाठशाला में कोई नियमित शिक्षक आने को तैयार नहीं है। पाठशाला में दो एसएमसी शिक्षक विद्यार्थियों का भविष्य संवारने में लगी हैं। यहां कार्यरत टीजीटी (मेडिकल) पूनम चौहान और भाषा अध्यापक जागृति शर्मा की वास्तविक सेवाएं महीने में 60 पीरियड लगाने की हैं। रोजाना पांच पीरियड लगाने पर 12 दिन में उनका काम खत्म हो जाता है। इसी का उन्हें महीने में वेतन मिल रहा है। बावजूद इसके वह रोजाना सात पीरियड लगा रही हैं।
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खाली पड़े दूसरे प्रवक्ताओं की कक्षाओं को भी यह दोनों ले रही हैं। कई तरह के अतिरिक्त चार्ज भी इनको मिले हुए हैं। यही नहीं खेलकूद प्रतियोगिताओं में भी इनकी ड्यूटी लगती है। दोनों हर काम को पूरी ईमानदारी के साथ कर रही हैं। कोरोना काल में भी इन दोनों ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सबसे अधिक कक्षाएं लगाईं। टीजीटी पूनम चौहान ने तो कई बार स्कूल के बाद भी बच्चों को अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर उनको शिक्षा देने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। स्कूल के प्रधानाचार्य बीएल कौशल ने बताया कि इन दोनों की जितनी तारीफ की जाए वह कम है। बच्चों के भविष्य के लिए दोनों का समर्पण देखते ही बनता है।
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