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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Teachers' Day 2020: 68-year-old BR Negi passes the primary session in Urdu, this is the reason

जज्बा: 68 वर्षीय बीआर नेगी ने उर्दू की प्राथमिक सेशन परीक्षा पास की, ये है वजह

Sat, 05 Sep 2020 10:45 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर बुशहर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर बुशहर Published by: Krishan Singh Updated Sat, 05 Sep 2020 10:45 AM IST
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Teachers' Day 2020: 68-year-old BR Negi passes the primary session in Urdu, this is the reason
बालक राम नेगी - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल के किन्नौर जिले के बालक राम नेगी (68) शिक्षक नहीं हैं लेकिन, उनका पढ़ाई में जज्बा देखिए तहसीलदार पद से सेवानिवृत्त होकर पहले एलएलबी की डिग्री ली, अब उर्दू की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। 2017-18 में नेगी ने पंचकूला स्थित उर्दू अकादमी में प्रवेश लिया और पढ़ाई शुरू की। उन्होंने हाल ही में प्राइमरी सेशन पास कर अगले सेशन में प्रवेश पाया है। उर्दू की पढ़ाई के पीछे उनका तर्क है कि शिमला और किन्नौर जिले में उर्दू के जानकार कम ही बचे हैं।

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वर्तमान में पुराने राजस्व रिकॉर्ड और दस्तावेजों को पढ़ने के लिए सोलन और अन्य क्षेत्रों से जानकारों को बुलाया जाता है। इसकी एवज में लोगों को अच्छी खासी रकम भी चुकानी पड़ती है। नेगी ने लोगों की मदद के लिए उर्दू में शिक्षा ग्रहण करने की तैयारी की। उन्होंने जनकल्याण के लिए शिक्षा ग्रहण करने का जिम्मा उठाया है।  किन्नौर जिले के दुर्गम क्षेत्र पूह खंड के रोपा गांव में 7 अगस्त 1951 में जन्मे बीआर नेगी ने कठिन और विपरीत परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त कर कई आयाम स्थापित किए हैं। नेगी ने रामपुर के पद्म हाई स्कूल से वर्ष 1969 में दसवीं कक्षा पास की थी। इसके बाद 1973 में पटवारी पद पर तैनात हुए।
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शिक्षा का सिलसिला थमता देख नेगी ने सरकार से अनुमति लेकर डिस्टेंस एजूकेशन के तहत पंजाब विश्वविद्यालय से 1984 में ग्रेजुएशन और वर्ष 1989 में एमए किया। इसके बाद 1985 में नेगी कानूनगो बने और वर्ष 1995 में नायब तहसीलदार और वर्ष 2007 में तहसीलदार पद पर नियुक्त हुए। वर्तमान में नेगी भीमाकाली मंदिर न्यास में बतौर कार्यकारी अधिकारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। नेगी बताते हैं कि शिक्षा का सिलसिला कभी समाप्त नहीं होता। लोगों की मदद करने के उद्देश्य से उन्होंने उर्दू की पढ़ाने करने का मन बनाया है।

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