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Shimla News: तीसरी बार अंतरराष्ट्रीय भ्रमण के लिए आवेदन मांगने पर शिक्षक खफा
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उच्च शिक्षा निदेशक के निर्णय का जताया विरोध
बोले- शिक्षकों के चयन में मापदंड में बदलाव की आवश्यकता
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से तीसरी बार अंतरराष्ट्रीय भ्रमण के लिए आवेदन मांगने के निर्णय का विरोध जताया है। प्रदेश प्रवक्ता मनोज शर्मा ने बताया कि यह निर्णय शिक्षकों के लिए असुविधा और तनाव का कारण बन रहा है। खासकर जब सभी स्कूल हिमाचल प्रदेश में बंद हैं। प्रेस बयान में कहा कि शिक्षकों को हाल ही में वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट जमा करनी पड़ी थी, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय भ्रमण के लिए आवेदन जमा करने में कठिनाई हो रही है। निदेशालय को आवेदनों को संभालने में सक्षम होना चाहिए, न कि शिक्षकों को बार-बार आवेदन जमा करने के लिए मजबूर करना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि उच्च शिक्षा निदेशक इस निर्णय पर पुनर्विचार करें और शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि संघ की मांग है कि तीसरी बार आवेदन मांगने के निर्णय को रद्द करें। शिक्षकों को पहले से ही जमा किए गए आवेदनों पर विचार करें और आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए। देश में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए सरकार की ओर से अंतरराष्ट्रीय भ्रमण के लिए शिक्षकों का चयन किया जाता है। हालांकि, वर्तमान चयन मानदंड में उच्च शिक्षा में पीएचडी पर अधिक जोर दिया जाता है, जो कि व्याख्याताओं की नियुक्ति में आवश्यक योग्यता नहीं है।
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बोले- शिक्षकों के चयन में मापदंड में बदलाव की आवश्यकता
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से तीसरी बार अंतरराष्ट्रीय भ्रमण के लिए आवेदन मांगने के निर्णय का विरोध जताया है। प्रदेश प्रवक्ता मनोज शर्मा ने बताया कि यह निर्णय शिक्षकों के लिए असुविधा और तनाव का कारण बन रहा है। खासकर जब सभी स्कूल हिमाचल प्रदेश में बंद हैं। प्रेस बयान में कहा कि शिक्षकों को हाल ही में वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट जमा करनी पड़ी थी, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय भ्रमण के लिए आवेदन जमा करने में कठिनाई हो रही है। निदेशालय को आवेदनों को संभालने में सक्षम होना चाहिए, न कि शिक्षकों को बार-बार आवेदन जमा करने के लिए मजबूर करना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि उच्च शिक्षा निदेशक इस निर्णय पर पुनर्विचार करें और शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि संघ की मांग है कि तीसरी बार आवेदन मांगने के निर्णय को रद्द करें। शिक्षकों को पहले से ही जमा किए गए आवेदनों पर विचार करें और आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए। देश में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए सरकार की ओर से अंतरराष्ट्रीय भ्रमण के लिए शिक्षकों का चयन किया जाता है। हालांकि, वर्तमान चयन मानदंड में उच्च शिक्षा में पीएचडी पर अधिक जोर दिया जाता है, जो कि व्याख्याताओं की नियुक्ति में आवश्यक योग्यता नहीं है।