जमीन बेच रहे हैं तो आपके काम की है ये खबर
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जमीन का विभाजन करने के बाद ही लोग प्लॉट बेच और खरीद सकेंगे। सरकार प्रदेश में नियम (16 सी) को सख्ती से लागू करने जा रही है। अगर किसी व्यक्ति के पास एक बीघा जमीन का रकवा है तो उसे पहले रकवे के प्लॉट बनाने होंगे। प्लॉट में रास्ते, सीवरेज और पानी की पाइपें ले जाने को जगह छोड़नी होगी। टीसीपी की अनुमति के बगैर राजस्व विभाग के अधिकारी प्लॉटों की रजिस्ट्री नहीं करा सकेंगे। टीसीपी से जमीन का विभाजन होने के बाद ही राजस्व अधिकारी प्लॉट की रजिस्ट्री कराएंगे।
लोक निर्माण विभाग स्थित इंजीनियर भवन में वीरवार को कार्यशाला में टीसीपी, राजस्व और निजी वास्तुकारों ने भाग लिया। टीसीपी निदेशक संदीप कुमार ने नियम (16 सी) की जानकारी दी। कहा कि इस नियम के लागू होने से लोगों के भवनों के आसपास खुली जगह रहेगी। टीसीपी या अन्य शहरी निकायों को भी लोगों को मूलभूत सुविधाएं देने में दिक्कत नहीं होगी।
प्लांटेशन से ये होंगे फायदे
उन्होंने राजस्व विभाग से नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए सहयोग मांगा। स्टेट टाउन प्लानर संदीप शर्मा ने कहा कि प्लांटेशन के जमीन बेचने और खरीदने से प्रदेश में हालत यह बन गए हैं कि लोगों के घरों के आसपास जगह नहीं है। अगर भवन के साथ सीवरेज लाइन बिछानी हो तो लोग आपत्तियां जताना शुरू कर देते हैं। शिमला टाउन प्लानर राजेंद्र चौहान ने बताया कि प्लांटेशन होने पर लोग सही तरीके से भवन का निर्माण कर सकेंगे। लोगों को बिजली, पानी और सीवरेज जैसी सुविधा प्राप्त करने के लिए परेशानी नहीं होगी।
- लोगों को स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक पर्यावरण मिलेगा
- लोगों के घरों तक आसानी से सीवरेज लाइन बिछेगी
- रास्ते और सड़क बनने से जमीन की कीमतें बढ़ेंगी
- रास्ते के लिए नहीं लेना पड़ेगा एनओसी
- लोगों को रास्ता कटा होने के साथ मिलेंगे प्लॉट
- भवन का नक्शा पास करने में नहीं आएगी दिक्कतें