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Shimla News: टारिंग पैच वर्क से ऊपरी शिमला की बसें देरी से चलीं लोग परेशान

Sat, 09 May 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 09 May 2026 11:59 PM IST
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Tarring patch work delays buses to Upper Shimla, leaving people upset
विक्ट्री टनल-लक्कड़ बाजार-संजौली सड़क पर चल रहा पैच वर्क, आधे से एक घंटा देरी से चलीं अगले रूट की बसें
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बस अड्डे में भीड़ के चलते बैठने के लिए नहीं मिली जगह

अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के सर्कुलर रोड में विक्ट्री टलन-लक्कड़ बाजार-संजौली सड़क पर शनिवार से टारिंग का पैच वर्क शुरू हो गया। इस कार्य के कारण शनिवार को आईजीएमसी के पास बने बस अड्डे से ऊपरी शिमला के लिए बसों की आवाजाही प्रभावित हुई।
पैच वर्क के कारण पूरा दिन ट्रैफिक को इस सड़क पर रोक-रोक कर संचालित किया गया। इससे ऊपरी शिमला के कुफरी, ठियोग, चौपाल, कोटखाई, जुब्बल, रोहड़ू और दूसरी ओर कुमारसैन, नारकंडा, रामपुर और रिकांगपिओ की ओर जाने वाली बसें अपने निर्धारित समय से आधा से एक-एक घंटा देरी से चलीं। बस अड्डे पर सुबह दस बजे से ही सवारियां बसों के इंतजार के लिए खड़ी नजर आईं। आईजीएमसी बस अड्डे के लिए ऊपरी शिमला के लिए चलने वाली बसें आईएसबीटी से चलती हैं। यह बसें विक्ट्री टलन-लक्कड़ बाजार होते हुए आती हैं लेकिन इस रोड पर शनिवार को टारिंग पैच वर्क किया गया जिस कारण बसें देरी से आईं। बस अड्डे में बने रेन शेल्टर में सवारियों को इंतजार में बैठने के लिए जगह कम पड़ गई। लोगों को खड़े होकर ही अपनी बसों के आने का इंतजार करना पड़ा।
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आईजीएमसी बस अड्डे से अलग-अलग रूटों पर 70 से अधिक बसें चलती हैं। इसके अलावा ऊपरी शिमला के लिए निजी बसें भी चलाई जाती हैं। बस अड्डा में मौजूद स्टाफ ने भी माना कि टारिंग के इस कार्य के कारण बसें देरी से अड्डे में पहुंच रही हैं, जिस कारण बसें तय किए समय पर आगे नहीं भेजी जा सकीं। बस अड्डे में रोजाना हजारों की संख्या में यात्री आते हैं। अड्डे में शनिवार को इतनी भीड़ थी कि यात्रियों को बैठने के लिए जगह तक उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। आईजीएमसी में उपचार करवाने आए मरीज और उनके तीमारदारों तथा दो दिन के अवकाश के चलते ऊपरी शिमला में अपने गांव जाने वाले लोगों की तादाद अधिक थी। दोपहर साढ़े बारह बजे पूरा बस अड्डा सवारियों से भरा हुआ नजर आया। लोगों ने कहा कि आईएसबीटी से ओल्ड बस अड्डा-छोटा शिमला- संजौली होकर ऊपरी शिमला के लिए बसें भेजकर इस समस्या से बचा जा सकता था। रविवार को यदि टारिंग होनी है, तो बसें छोटा शिमला होकर आईजीएमसी तक चलाई जाएं।
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एक बस अड्डा इतना दूर, फिर आज बसें ही देरी से आ रही
सुन्नी निवासी रोहित के लिए बस लेने को अपने परिवार और छोटे बच्चे को साथ यहां आया हूं। एक तो अड्डा ही इतनी दूर बना दिया है, जहां सामान और परिवार के साथ पहुंचना मुश्किल हो जाता है। आज टारिंग के कारण बसें देरी से आने से नई परेशानी भी झेलनी पड़ी। प्रशासन को बसों को समय से चलाने की पहले व्यवस्था करनी चाहिए थी।

पत्नी बीमार है, बस नहीं आ रही
करसोग निवासी परमदेव ने कहा कि करसोग बस के आने का इंतजार करना पड़ रहा है। बीमार पत्नी को आईजीएमसी में दिखाने के लिए लाया था। पत्नी खड़े होने की स्थिति में नहीं है, यहां बैठने के लिए भी उचित व्यवस्था नहीं है। अब यहां आकर पता चला कि बस देरी से आएगी। बस देरी से चली तो, घर पहुंचने में देर हो जाएगी।




आईएसबीटी से देरी से पहुंची बसें
बस अड्डा प्रभारी सुरेंद्र शर्मा ने माना कि टारिंग पैच वर्क के कारण सुबह दस बजे से ही बसें देरी से अड्डे में पहुंच रही हैं। बसें जैसे-जैसे आ रही हैं उन्हें आगे रूट पर भेजा जा रहा। यहां के लिए आईएसबीटी की ओर से ही बसें आती हैं। टारिंग कार्य के चलते बसें लेटटैहं। दो दिन टारिंग पैच वर्क होना है, इस दौरान समस्या रहेगी।

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