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एम्स बनेगा टांडा मेडिकल कॉलेज!
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 03 Jul 2014 10:06 PM IST
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा को ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टीट्यूट (एम्स) बनाया जाएगा। इसका प्रस्ताव मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हर्षवर्धन को भेज दिया है। अब सवाल यह है कि केंद्र हिमाचल के प्रस्ताव को कितनी जल्दी मंजूरी दे रहा है।
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छह जून को अमेरिका रवाना होने से ठीक पहले स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन से मुलाकात की थी। मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रदेश के लिए एम्स की मांग की थी, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि 150 एकड़ जमीन दीजिए और एम्स ले जाइए।
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इसके बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को कांगड़ा स्थित डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कालेज टांडा को एम्स बनाने का प्रस्ताव भेज दिया है। यहां पर 150 एकड़ भूमि उपलब्ध है। इतना ही नहीं बल्कि यह भी प्रस्ताव दिया गया है कि एम्स के लिए और जमीन चाहिए तो सरकार 50 एकड़ अतिरिक्त भूमि एम्स के लिए अधिग्रहण कर लेगी।
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प्रदेश के इस प्रस्ताव पर केंद्र सरकार को भी मंजूरी देने में कोई अड़चन नहीं आएगी। इससे जहां देश में एम्स की संख्या में एक की बढ़ोत्तरी हो जाएगी, वहीं प्रदेश के मरीजों को बड़ी राहत मिल जाएगी। उन्हें उच्च स्तरीय उपचार के लिए दूसरे राज्यों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।
दूसरे स्थान पर भूमि तलाश चुनौती
हिमाचल में आल इंडिया मेडिकल इंस्टीट्यूट (एम्स) के निर्माण के लिए टांडा के अलावा किसी दूसरे हिस्से में जमीन की तलाश करना एक चुनौतीपूर्ण काम है।
इसी से बचने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से टांडा मेडिकल कॉलेज को ही एम्स बनाने का प्रस्ताव भेज दिया गया है, जिससे किसी स्तर पर कोई अड़चन न आए। साथ ही प्रदेश के मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा का लाभ मिल सके।