सर्वेक्षण शुरू, लोग सहयोग दें तो टॉप-20 में आ सकता है शिमला
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स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 शुरू हो गया है। शहरवासी यदि सहयोग देंगे तो राजधानी शिमला देशभर के टॉप-20 स्वच्छ शहरों में शामिल हो सकता है। लीग रैंकिंग में शिमला 21वें नंबर पर था। 31 जनवरी तक चलने वाले इस सर्वेक्षण के दौरान केंद्रीय टीम कभी भी सफाई व्यवस्था जांचने शिमला पहुंच सकती है। ऐसे में नगर निगम ने पूरी तैयारी कर ली है। नगर निगम आयुक्त और संयुक्त आयुक्त ने शनिवार को भी सर्वेक्षण को लेकर बैठकें की और दिशा निर्देश जारी किए। प्रशासन का कहना है कि सफाई व्यवस्था ठीक रखने के लिए सभी कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है।
नोडल अफसर भी तैनात कर दिए हैं। लेकिन रैंकिंग तभी बेहतर होगी जब शहरवासी साथ देंगे। शहरवासियों की फीडबैक के सर्वेक्षण में एक हजार अंक तय किए गए हैं। बीते साल लोगों की अच्छी फीडबैक के कारण शहर को पांच सौ से ज्यादा अंक मिले थे। केंद्रीय टीम गुपचुप शिमला आएगी और लोगों से सफाई को लेकर पूछेगी। लोगों की दी फीडबैक से अंक तय होंगे। इसके अलावा गीला सूखा कचरा अलग देने यानि सोर्स सेग्रीगेशन के भी एक हजार अंक हैं।
ऐसे मदद कर सकते हैं शहरवासी
- खुले में कचरा न फेंके। गीला सूखा कचरा अलग दें।
- यदि कूड़ा नहीं उठ रहा तो 1916 पर शिकायत दें।
- स्वच्छता ऐप डाउनलोड कर भी शिकायत कर सकते हैं।
- पहाड़ और नाले में कचरा न फेंके। डस्टबीन में ही कूड़ा डालें।
खुद को तोहफा दे शहरवासी: मेयर
महापौर सत्या कौंडल ने शहरवासियों से अपील की कि वे शहर को साफ रखने में मदद करें। नये साल में शहरवासी शिमला को टॉप-20 शहरों में शामिल कर खुद को बड़ा तोहफा दे सकते हैं। कहा कि खुले में कचरा न फेंके। गीला सूखा कचरा अलग ही दें।