रामदेव पर मेहरबानी दिखा रही सरकार, सैंपल रिपोर्ट अटकी
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बाबा रामदेव पर हिमाचल सरकार खास मेहरबानी दिखा रही है। विभिन्न जिलों से भरे गए पतंजलि कंपनी के उत्पादों की रिपोर्ट एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी नहीं आई है। सैंपल भरने के 14 दिनों के भीतर सैंपल रिपोर्ट आनी चाहिए।
लेकिन, हिमाचल सरकार सैंपल रिपोर्ट को लेकर गंभीर नहीं है। कंपोजिट टेस्टिंग लैब कंडाघाट में दवाओं और खाद्य पदार्थों की जांच की जाती है। खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन निदेशालय सैंपलों की जांच कंडाघाट लैब में करवाती है।
लेकिन लैब की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते तय समय के भीतर रिपोर्ट नहीं आ पा रही है। राज्य सरकार के आदेशों के बाद ही खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने ऊना, शिमला, सोलन, नाहन, मंडी, बिलासपुर और कुल्लू जिलों में छापामारी कर पतंजलि कंपनी की दुकानों से खाद्य उत्पादों के 28 सैंपल भरे थे।
विभाग का दावा, लैब को भेजा है रिमाइंडर
स्वास्थ्य विभाग ने 13 दिसंबर से प्रदेश में पतंजलि कंपनी के उत्पाद भरने की शुरुआत की। सबसे पहले मंडी जिला में आटा न्यूड्लस, शहद घी, दलिया, दालें बिस्कुट, नमकीन और तेल सहित कई अन्य उत्पादों के सैंपल भरे गए। इसके बाद अन्य जिलों में दबिश दी गई लेकिन अभी तक किसी भी सैंपल की रिपोर्ट नहीं आई है।
कंडाघाट लैब को भेजा रिमाइंडर
खाद्य सुरक्षा विनियमन के निदेशक डॉ. रामेश्वर शर्मा का कहना है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से भरे गए 28 सैंपलों की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। कंडाघाट लैब को रिमाइंडर भेज दिया गया है। सभी जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को भी कंडाघाट लैब को जल्द रिपोर्ट देने के लिए रिमाइंडर भेजने को कहा गया है।