चुनाव के बाद तैयार रहें शिक्षक, होगा तबादला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निकाय चुनाव के बाद प्रदेश के शहरी क्षेत्रों के प्राथमिक स्कूलों में तैनात सरप्लस शिक्षकों के तबादले किए जाएंगे। प्राइमरी स्कूलों में जेबीटी शिक्षकों की तैनाती छात्रों की संख्या के हिसाब से होगी। शिक्षकों का युक्तिकरण करने में प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय जुट गया है। 15 जनवरी के बाद इन्हें बदला जाएगा। प्रदेश के शहरी स्कूलों में नियमों के विपरीत शिक्षक लगे हुए हैं।
नियमों के तहत 60 विद्यार्थियों पर दो शिक्षकों की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन शहरी स्कूलों में 60 विद्यार्थियों पर पांच-पांच शिक्षक हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह स्वयं ऐसे मामलों की गंभीरता को देखते हुए युक्तिकरण के आदेश दे चुके हैं। कैबिनेट से भी यह प्रस्ताव पास हुआ है। शिक्षा विभाग में राजनीतिक दखल के चलते कई प्राइमरी स्कूलों में आरटीई एक्ट की अवहेलना हो रही है।
राजनीतिक दखल के चलते शहरों के स्कूलों में ही डटे हैं प्रभावशाली शिक्षक
एक्ट के मुताबिक 60 छात्रों की संख्या पर दो शिक्षक, 61 से 90 छात्रों तक 3 शिक्षक तैनात होने चाहिए। स्कूल में सिर्फ एक शिक्षक की नियुक्ति भी नहीं होनी चाहिए। युक्तिकरण के तहत ऐसे शिक्षकों को चिन्हित कर बदला जाएगा। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। यहां शिक्षा के अधिकार एक्ट को पूरा नहीं किया जा रहा है। राजनीतिक दखल के चलते प्रभावशाली शिक्षक शहरों के स्कूलों में ही डटे हैं।
प्रदेश के शीतकालीन स्कूलों के खुलने से पहले शिक्षकों का युक्तिकरण किया जाएगा। ग्रीष्मकालीन स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र से पहले यह व्यवस्था होगी। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक आरके परुथी ने कहा कि युक्तिकरण प्रक्रिया जारी है। फील्ड से रिकॉर्ड आ रहे हैं। चुनाव के बाद तबादले कर दिए जाएंगे। प्रदेश के सिर्फ दो जिलों हमीरपुर और बिलासपुर में प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों का युक्तिकरण किया गया है। अन्य जिलों में आदेशों का पालन नहीं हो रहा है।