रहें तैयार, शिक्षा विभाग कर रहा है इन शिक्षकों की ट्रांसफर
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प्रदेश के कॉलेजों में तैनात सरप्लस प्राध्यापकों को ट्रांसफर किया जाएगा। शिक्षा विभाग युक्तिकरण की कवायद शुरू कर दी है। अब कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से स्टाफ रहेगा। रूसा लागू होने के बाद कई विषयों में छात्रों की संख्या घट गई है। ऐसे में कॉलेजों में तैनात सरप्लस प्राध्यापकों को खाली पद वाले कॉलेजों में शिफ्ट किया जाएगा।
कॉलेजों से विद्यार्थियों की कुल संख्या, शिक्षकों की संख्या, विषयवार छात्रों की संख्या और शिक्षकों के कामकाज का ब्योरा मांगा गया है। प्रदेश के कॉलेजों में वर्ष 2013 में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के अंतर्गत सेमेस्टर प्रणाली शुरू की गई है। यह उच्चतर शिक्षा के लिए एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
ब्योरा नहीं भेजने वालों को नोटिस
इसका मकसद राज्य स्तर पर उच्चतर शिक्षा में गुणवत्ता, समानता और दूरदराज क्षेत्रों तक इसे पहुंचना शामिल है। रूसा के लिए प्रदेश में अलग से योजना निदेशालय भी बनाया जाना है। नई शिक्षा प्रणाली की जटिलताओं को दूर करने और छात्रों, शिक्षकों की सुविधा के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है। इसी कड़ी के तहत कॉलेज शिक्षकों का युक्तिकरण करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
कॉलेजों से ब्योरा मांगा है। रिपोर्ट नहीं भेजने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा निदेशालय ने कॉलेजों को पत्र जारी कर मांगी गई पूरी जानकारी निर्धारित समय में देने के आदेश दिए हैं। प्रदेश भर में 130 डिग्री कॉलेज हैं। रूसा लागू होने के बाद कई कॉलेजों में संबंधित विषय के शिक्षकों की कमी है, जबकि कई कॉलेजों में सरप्लस शिक्षक हैं।