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'लाखों बेरोजगारों से धोखा, सीएम ने बस अपने बेटे को ही दिया रोजगार'

Tue, 28 Feb 2017 12:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 28 Feb 2017 12:05 AM IST
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Suresh Bhardwaj Target CM Virbhadra Singh on Unemployement Allowance.

विधानसभा में भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक और शिमला से विधायक सुरेश भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कौशल विकास के नाम पर अपने बेटे विक्रमादित्य सिंह को ही रोजगार दिया है। प्रदेश कौशल विकास निगम में विक्रमादित्य को निदेशक के तौर पर नियुक्त किया गया है।

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परिवहन निगम में कौशल विकास भत्ते के नाम पर युवा दो महीने के लिए कंडक्टर रखे जा रहे हैं। उसके बाद छुट्टी कर दी जाती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के रोजगार कार्यालयों में करीब नौ लाख बेरोजगार पंजीकृत हैं। कांग्रेस ने घोषणापत्र में बेरोजगारी भत्ता देने की बात कही थी।
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लेकिन अब सीएम उस बात से पलट रहे हैं। दलील दे रहे हैं कि जब घोषणापत्र बना, उस समय वह केंद्र में मंत्री थे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू, राज्यसभा सांसद विप्लव ठाकुर और परिवहन मंत्री जीएस बाली भी बेरोजगारी भत्ते पर मुख्यमंत्री से वायदा निभाने की बात कह रहे हैं।
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लेकिन सीएम युवाओं को नजरअंदाज कर पिक एंड चूज आधार पर रिटायर होने वाले कर्मचारियों को एक्सटेंशन दे रहे हैं। सोमवार को पत्रकार वार्ता में सुरेश भारद्वाज ने कहा कि विधानसभा सत्र में भाजपा भ्रष्टाचार और कोरी घोषणाओं पर सरकार को घेरेगी।

स्कूल की मांग करो तो कॉलेज खोल देते हैं सीएम

Suresh Bhardwaj Target CM Virbhadra Singh on Unemployement Allowance.

उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि क्या वे अपनी ही पार्टी के घोषणापत्र को नहीं मानते? इसे सरकार ने दस्तावेज बनाया है। सीनियर मंत्रियों की एक कमेटी बनाई है। यह घोषणापत्र में किए वायदों की समीक्षा करती है। भारद्वाज ने चुटकी लेते हुए मुख्यमंत्री की तुलना एक कहानी के पात्र गपोड़शंख से की और कहा कि सीएम से अगर कोई प्राइमरी स्कूल की मांग रखता है तो वह वहां कॉलेज खोलने की घोषणा कर देते हैं।

जहां पटवार सर्कल खोलने की जरूरत है, वहां एसडीएम दफ्तर खोलने की बात करते हैं। मंडी में मेडिकल यूनिवर्सिटी खोलने की घोषणा भी कोरी है। वहां ईएसआईसी कॉलेज तो आज तक खुला नहीं। इन्फ्रास्ट्रक्चर ही नहीं है तो यूनिवर्सिटी कैसे खोलेंगे। हकीकत यह है कि केंद्र से आए पैसे का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट तक प्रदेश सरकार की ओर से केंद्र को नहीं भेजा गया है, जबकि स्वास्थ्य मंत्री ने आईजीएमसी को मेडिकल यूनिवर्सिटी बनाने का दावा किया था।   

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