आय से अधिक संपत्ति मामले में सीएम वीरभद्र सिंह को सुप्रीम कोर्ट से झटका
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने झटका दिया है। आय से अधिक संपत्ति मामले में दर्ज एफआईआर रद्द करने की वीरभद्र सिंह की याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता ने वीरभद्र सिंह की याचिका यह देखते हुए खारिज कर दी कि उसमें खामियां दूर नहीं की गईं और न ही उनकी ओर से कोई वकील पेश हुआ। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें किसी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया था।
मुख्यमंत्री ने अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर 31 मार्च के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश को गलत बताते हुए तत्काल रोक लगाने की गुहार लगाई थी। याचिका में कहा गया था कि केंद्र में सरकार बदलने से सीबीआई के सुर भी बदल गए हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने न केवल वीरभद्र और उनकी पत्नी के खिलाफ एफआईआर निरस्त करने की मांग ठुकरा दी थी, बल्कि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा उनकी गिरफ्तारी और बिना अदालत की अनुमति के चार्जशीट दाखिल करने पर लगी रोक भी हटा ली थी।
इसके अगले ही दिन सीबीआई ने वीरभद्र और उनकी पत्नी समेत कई अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी थी। 23 सितंबर, 2015 को सीबीआई ने पत्नी के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी।
वीरभद्र पर वर्ष 2009 से 2012 के बीच केंद्रीय इस्पात मंत्री रहते हुए अवैध तरीके से छह करोड़ रुपये की संपत्ति बनाने का आरोप है।