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समर फेस्टिवल : राजधानी में पहली बार होगा पहाड़ी स्वाद महोत्सव, महिलाएं परोसेंगी व्यंजन
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समर फेस्टिवल के दौरान आठ से 12 जून तक रानी झांसी पार्क में महिलाएं लगाएंगी पारंपरिक हिमाचली व्यंजनों के स्टॉल
सबसे स्वादिष्ट व्यंजन परोसने वाले तीन स्टॉल को मिलेंगे नकद पुरस्कार
अशोक चौहान
शिमला। राजधानी में आठ जून से शुरू होने जा रहे अंतरराष्ट्रीय समर फेस्टिवल में पहली बार शिमला पहाड़ी स्वाद महोत्सव भी मनाया जाएगा। इसमें पारंपरिक हिमाचली व्यंजनों को परोसा जाएगा। खास बात यह है कि इसमें सिर्फ महिलाओं को ही स्टॉल लगाने की अनुमति दी जाएगी।
यही नहीं, जिन महिलाओं के स्टॉल सबसे ज्यादा स्वादिष्ट व्यंजन परोसेंगे, उन्हें जिला प्रशासन की ओर से 51 हजार रुपये तक का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। ये स्टॉल मालरोड स्थित रानी झांसी पार्क में लगाए जाएंगे। शहरवासियों के अलावा शिमला घूमने आने वाले हजारों सैलानी भी पांच दिन तक यहां पारंपरिक हिमाचली व्यंजनों का स्वाद चख सकेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन ने पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहली बार स्थानीय खाद्य संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों और महिला उद्यमिता को बड़ा मंच देने के लिए यह बड़ी पहल की जा रही है। जिला प्रशासन के अनुसार अंतरराष्ट्रीय समर फेस्टिवल के दौरान आठ से 12 जून तक शिमला पहाड़ी स्वाद महोत्सव 2026 का आयोजन किया जाएगा। पांच दिन तक चलने वाले इस अनूठे महोत्सव में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को एक ही जगह शुद्ध पहाड़ी और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखने को मिलेगा। इसमें महिला उद्यमी, होम शेफ, महिलाओं के संचालित कैफे और रेस्तरां, महिला स्टार्टअप, स्वयं सहायता समूह और सहकारी समितियां भाग ले सकेंगी। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके हुनर को सीधा बाजार उपलब्ध कराना है।
हिमाचली धाम, सिड्डू, देसी घी से महकेगा महोत्सव
महोत्सव में पारंपरिक हिमाचली धाम (जैसे सेपू बड़ी, मदरा, माश की दाल, खट्टा), सिड्डू, कोदरा (रागी) की रोटी, मिलेट (बाजरा-ज्वार) से बने पौष्टिक व्यंजन, स्थानीय बेकरी उत्पाद और पारंपरिक अचार-चटनी उपलब्ध होंगे। शुद्ध पहाड़ी घी, जंगली शहद और स्थानीय आर्गेनिक उत्पाद भी बिक्री के लिए रखे जाएंगे। इच्छुक महिला प्रतिभागी ऑनलाइन गूगल फार्म के माध्यम से 28 मई तक अपना पंजीकरण करवा सकती हैं। पंजीकरण शुल्क 500 रुपये रखा गया है। चयनित प्रतिभागियों के लिए 3 जून को इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट कुफरी में पाक कला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतिभागियों को पारंपरिक हिमाचली व्यंजन तैयार करने होंगे। चयन स्वाद, प्रस्तुति, स्वच्छता, स्थानीय सामग्री के उपयोग और पारंपरिकता के आधार पर किया जाएगा। स्टॉल इस आयोजन से जहां एक ओर हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और खान-पान की विरासत को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर समर फेस्टिवल में आने वाले हजारों देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए यह महोत्सव मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगा।
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अहम इनसेट
रिज पर इस बार नहीं दिखेंगे स्टॉल
ऐतिहासिक रिज मैदान पर इस बार स्टॉल नहीं दिखेंगे। जिला प्रशासन ने समर फेस्टिवल के दौरान स्टॉल से फैलने वाली अव्यवस्था को देखते हुए इस बार यहां स्टॉल न लगाने का फैसला लिया है। इसके अलावा शहर के कारोबारी भी इसका विरोध करते रहे हैं। इसलिए अभी तक इसके टेंडर भी नहीं किए हैं। हालांकि, इस पर सोमवार को स्थिति स्पष्ट होगी। उपायुक्त अनुपम कश्यप समर फेस्टिवल के दौरान होने वाले आयोजनों पर सोमवार को बैठक लेंगे।
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समर फेस्टिवल के दौरान आठ से 12 जून तक रानी झांसी पार्क में महिलाएं लगाएंगी पारंपरिक हिमाचली व्यंजनों के स्टॉल
सबसे स्वादिष्ट व्यंजन परोसने वाले तीन स्टॉल को मिलेंगे नकद पुरस्कार
अशोक चौहान
शिमला। राजधानी में आठ जून से शुरू होने जा रहे अंतरराष्ट्रीय समर फेस्टिवल में पहली बार शिमला पहाड़ी स्वाद महोत्सव भी मनाया जाएगा। इसमें पारंपरिक हिमाचली व्यंजनों को परोसा जाएगा। खास बात यह है कि इसमें सिर्फ महिलाओं को ही स्टॉल लगाने की अनुमति दी जाएगी।
यही नहीं, जिन महिलाओं के स्टॉल सबसे ज्यादा स्वादिष्ट व्यंजन परोसेंगे, उन्हें जिला प्रशासन की ओर से 51 हजार रुपये तक का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। ये स्टॉल मालरोड स्थित रानी झांसी पार्क में लगाए जाएंगे। शहरवासियों के अलावा शिमला घूमने आने वाले हजारों सैलानी भी पांच दिन तक यहां पारंपरिक हिमाचली व्यंजनों का स्वाद चख सकेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन ने पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहली बार स्थानीय खाद्य संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों और महिला उद्यमिता को बड़ा मंच देने के लिए यह बड़ी पहल की जा रही है। जिला प्रशासन के अनुसार अंतरराष्ट्रीय समर फेस्टिवल के दौरान आठ से 12 जून तक शिमला पहाड़ी स्वाद महोत्सव 2026 का आयोजन किया जाएगा। पांच दिन तक चलने वाले इस अनूठे महोत्सव में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को एक ही जगह शुद्ध पहाड़ी और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखने को मिलेगा। इसमें महिला उद्यमी, होम शेफ, महिलाओं के संचालित कैफे और रेस्तरां, महिला स्टार्टअप, स्वयं सहायता समूह और सहकारी समितियां भाग ले सकेंगी। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके हुनर को सीधा बाजार उपलब्ध कराना है।
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हिमाचली धाम, सिड्डू, देसी घी से महकेगा महोत्सव
महोत्सव में पारंपरिक हिमाचली धाम (जैसे सेपू बड़ी, मदरा, माश की दाल, खट्टा), सिड्डू, कोदरा (रागी) की रोटी, मिलेट (बाजरा-ज्वार) से बने पौष्टिक व्यंजन, स्थानीय बेकरी उत्पाद और पारंपरिक अचार-चटनी उपलब्ध होंगे। शुद्ध पहाड़ी घी, जंगली शहद और स्थानीय आर्गेनिक उत्पाद भी बिक्री के लिए रखे जाएंगे। इच्छुक महिला प्रतिभागी ऑनलाइन गूगल फार्म के माध्यम से 28 मई तक अपना पंजीकरण करवा सकती हैं। पंजीकरण शुल्क 500 रुपये रखा गया है। चयनित प्रतिभागियों के लिए 3 जून को इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट कुफरी में पाक कला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतिभागियों को पारंपरिक हिमाचली व्यंजन तैयार करने होंगे। चयन स्वाद, प्रस्तुति, स्वच्छता, स्थानीय सामग्री के उपयोग और पारंपरिकता के आधार पर किया जाएगा। स्टॉल इस आयोजन से जहां एक ओर हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और खान-पान की विरासत को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर समर फेस्टिवल में आने वाले हजारों देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए यह महोत्सव मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगा।
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रिज पर इस बार नहीं दिखेंगे स्टॉल
ऐतिहासिक रिज मैदान पर इस बार स्टॉल नहीं दिखेंगे। जिला प्रशासन ने समर फेस्टिवल के दौरान स्टॉल से फैलने वाली अव्यवस्था को देखते हुए इस बार यहां स्टॉल न लगाने का फैसला लिया है। इसके अलावा शहर के कारोबारी भी इसका विरोध करते रहे हैं। इसलिए अभी तक इसके टेंडर भी नहीं किए हैं। हालांकि, इस पर सोमवार को स्थिति स्पष्ट होगी। उपायुक्त अनुपम कश्यप समर फेस्टिवल के दौरान होने वाले आयोजनों पर सोमवार को बैठक लेंगे।