फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Sumit stuck in war-torn South Sudan

मौत को मात देकर लौटा बेटा, बंकर के अंदर गुजारे सात दिन सात रातें

Sun, 17 Jul 2016 10:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कालाअंब (सिरमौर)
ब्यूरो/अमर उजाला, कालाअंब (सिरमौर) Updated Sun, 17 Jul 2016 10:46 AM IST
विज्ञापन
Sumit stuck in war-torn South Sudan
दक्षिण सूडान में साथियों के साथ सुमित।

रात-दिन गोलियों की आवाज। गोली शरीर को छूते-छूते निकले या दीवार से टकरा जाए। चारों तरफ का मंजर खौफनाक। यह किसी फिल्म की कहानी नहीं, बल्कि दक्षिणी सूडान के गृह युद्ध में फंसे सिरमौर जिले के युवक सुमित की है। दक्षिण सूडान के जुबा शहर में

विज्ञापन


सुमित ने सात दिन और सात रातें भवन के अंदर बने एक बंकर में गुजारी। खाना तो मिला लेकिन सीमित मात्रा में। शुक्रवार को एयरलिफ्ट किए गए 156 भारतीयों में सिरमौर के कालाअंब का रहने वाला सुमित भी था। परिजन उसे देख गदगद हुए। वतन वापसी पर सुमित के चेहरे पर रौनक लौट आई है।

विज्ञापन

'छह जुलाई को यूएन कार्यालय पर हुआ हमला और हम यहीं फंस गए'

Sumit stuck in war-torn South Sudan

सुमित चाइना की हुवाई (एचयूएडब्ल्यूईआई) टेक्नोलॉजी नामक कंपनी में टेलीकॉम इंजीनियर है। एक ग्लोबल प्रोजेक्ट के सिलसिले में कंपनी ने उसे सूडान भेजा था। 31 मई को वह सूडान पहुंचा। वह वहां पर काम करता रहा। उनके अनुसार जुबा शहर में कंपनी के कार्यालय के साथ ही यूएन का भी कार्यालय है। छह जुलाई को यहां अचानक हमला हो गया।

लिहाजा वह अपने दफ्तर से बाहर नहीं निकल सके। उन्हें भवन के भीतर बने एक बंकर में छुपाया गया। सात दिन तक लगातार युद्ध होता रहा। गालियों और धमाकों की आवाजें अब भी उनके कानों में गूंज रही हैं। उनके अनुसार उनके साथ करीब दस देशों के 50 लोग इस दौरान फंस गए। इनमें कुछ महिलाएं भी शामिल थीं। हालांकि, भारत से वह चार ही लोग थे।

व्हट्सऐप आया काम

Sumit stuck in war-torn South Sudan

कालाअंब की एक्साइज कालोनी के रहने वाले सुमित का कहना है कि इस दौरान उनका सहारा व्हट्सऐप बना। इसी के जरिए उसकी परिजनों से चेटिंग होती रही।

हालांकि मां को इस घटना के बारे में उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार किया था। बड़े भाई मेजर अमित शर्मा से जरूर चेट हुई। इसी दौरान दूतावास से भी उनका संपर्क हुआ जिसके आधार पर उन्हें एयरलिफ्ट किया गया।

सुमित को पाकर खुश

सुमित को वापस पाकर वह खुश है। ऊपर वाले का लाख-लाख शुक्र है कि वह घर लौट आया। मुझे इस बारे में किसी ने कुछ नहीं बताया। जब सुमित दिल्ली पहुंचा तो तभी परिवार के लोगों ने यह जानकारी दी। -सुदेश शर्मा, सुमित की मां

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed