कांग्रेस अध्यक्ष का भाजपा को चैलेंज, 'आरोप साबित करो, मैं राजनीति छोड़ दूंगा'
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल से उन पर लगाए जमीन के बेनामी सौदों के आरोप सिद्ध करने को कहा है। कहा कि अगर धूमल आरोप साबित कर देते हैं तो वह राजनीति छोड़ देंगे। अन्यथा आरोप झूठे निकलने पर धूमल राजनीति से तुरंत संन्यास ले लें।
दस साल मुख्यमंत्री रहे व्यक्ति से इस तरह के कोरे झूठ की उम्मीद नहीं की जा सकती। कहा कि गलत आरोप लगाने से अच्छा होता कि धूमल भाजपा कार्यकर्ताओं को भेजकर नादौन से राजस्व रिकॉर्ड मंगवाते। साथ ही चुनाव आयोग की वेबसाइट पर मौजूद उनके 2012 विधानसभा चुनाव के शपथपत्र का अध्ययन करते।
उनके पास सिर्फ ढाई सौ कनाल पुश्तैनी और खरीदी हुई जमीन है। इसके अलावा उनके पास कहीं कोई भूमि नहीं है। शपथपत्र में जो डिटेल है, वह सत्य है। धूमल के पास कहीं भी उनकी बेनामी संपत्ति होने के सबूत हैं तो वह न्यायिक क्या सीबीआई, ईडी या अन्य किसी भी एजेंसी से जांच कराने को स्वतंत्र हैं।
सुक्खू ने पूर्व मुख्यमंत्री से सवाल पूछा कि जब सारी संपत्ति सार्वजनिक है और जमीन राजस्व रिकॉर्ड में उनके नाम दर्ज है तो वह बेनामी कैसे हुई। धूमल बताएं कि क्या खरीदी हुई जमीन को बेनामी संपत्ति कहते हैं। झूठे आरोप लगाकर उनकी स्वच्छ राजनीतिक छवि को खराब करने की कोशिश क्यों की जा रही है।
धूमल बताए आज तक कोई एफआईआर क्यों नहीं की'
'2008 में वह पहले ऐसे विधायक बने थे, जिन्होंने पत्रकार वार्ता कर अपनी संपत्ति आय के स्रोतों सहित सार्वजनिक की थी। उनका राजनीतिक जीवन पारदर्शिता, संघर्ष और कर्मठता का उदाहरण है। वह विधायक जरूर रहे, लेकिन सत्ता में नहीं। न ही कभी चेयरमैन, मंत्री या सीएम बने। उनके पास जो भी संपत्ति है, वह मेहनत से अर्जित की हुई है।
जिस 769 कनाल जमीन की धूमल बात कर रहे हैं, वे उनके नाम पर कहां है। यह भी बताया जाए। कहा कि धूमल ने जमीनी सौदे और अवैध खनन के खिलाफ आज तक पुलिस में एफआईआर दर्ज क्यों नहीं कराई। लोकायुक्त को इसकी जांच के लिए शपथपत्र क्यों नहीं देते। इससे साफ है कि सियासी फायदे के लिए उन पर कीचड़ उछाला जा रहा है।
तथ्यहीन आरोप लगाने पर उनके खिलाफ मानहानि का केस बनता है। पूरा हिमाचल जानता है कि बेनामी जमीन सौदे तो पूर्व मंत्री राजीव बिंदल और प्रवीण शर्मा ने प्रेम कुमार धूमल और अनुराग ठाकुर के लिए किए हैं। उनके बेनामी सौदों की जांच क्यों नहीं कराई।
सुक्खू ने कहा उन पर अवैध खनन करने वालों को संरक्षण देने का आरोप भी कोरा झूठ है। उनका, पारिवारिक सदस्यों और रिश्तेदारों का कोई स्टोन क्रशर नहीं है। नादौन में तीन क्रशर भाजपाइयों के ही लगे हुए हैं। सुक्खू ने कहा है कि जिन्होंने भी उन पर निराधार आरोप लगाए हैं, उनके खिलाफ वह कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं।