{"_id":"60c8e0eda205436ab549c2be","slug":"suggestions-sought-from-public-to-control-fees-of-private-schools","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल: निजी स्कूलों की फीस नियंत्रित करने के लिए जनता से मांगे सुझाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल: निजी स्कूलों की फीस नियंत्रित करने के लिए जनता से मांगे सुझाव
Wed, 16 Jun 2021 10:33 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 16 Jun 2021 10:33 AM IST
सार
सरकार के निर्देशानुसार उच्च शिक्षा निदेशालय ने आम जनता से बीस जून तक विधेयक को लेकर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवाने को कहा है। इच्छुक लोग उच्च शिक्षा निदेशालय या जिला उपनिदेशक कार्यालयों में लिखित में या निदेशालय की वेबसाइट पर ऑॅनलाइन अपने सुझाव दे सकेंगे।
विज्ञापन
उच्च शिक्षा निदेशालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश निजी स्कूल (फीस और अन्य मामलों का विनियमन) विधेयक 2021 में आवश्यक बदलाव करने के लिए सरकार ने जनता से सुझाव मांगे हैं। 15 मार्च 2021 को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई मंत्रियों ने विधेयक के बिंदुओं से असहमति जताते हुए इस प्रस्ताव को विद्ड्रा करवा दिया था। अब सरकार के निर्देशानुसार उच्च शिक्षा निदेशालय ने आम जनता से बीस जून तक विधेयक को लेकर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवाने को कहा है। इच्छुक लोग उच्च शिक्षा निदेशालय या जिला उपनिदेशक कार्यालयों में लिखित में या निदेशालय की वेबसाइट पर ऑॅनलाइन अपने सुझाव दे सकेंगे।
विज्ञापन
आम जनता से मिलने वाले सुझावों के आधार पर दोबारा से विधेयक को तैयार कर मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। निजी स्कूलों की फीस नियंत्रित करने को लेकर बीते एक वर्ष से प्रदेशभर से मांग उठ रही है। शिक्षा विभाग ने इस बाबत प्रस्ताव तैयार कर मंत्रिमंडल को भेजा था, उम्मीद जताई गई थी कि बजट सत्र में विधेयक को कानून बनाया जाएगा, लेकिन कुछ मंत्रियों की आपत्ति से मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। अब शिक्षा विभाग ने विधेयक को लेकर दोबारा कसरत शुरू की है। इस विधेयक के तहत जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में बनाई जाने वाली कमेटी में निजी स्कूलों की फीस निर्धारित की जाएगी।
विज्ञापन
कमेटी में निजी स्कूल प्रबंधन के अलावा पीटीए को शामिल किया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता वाली कमेटी फीस को मंजूरी देगी। कमेटी में अतिरिक्त निदेशक और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को शामिल किया जाएगा। जिला उपनिदेशकों की अध्यक्षता में बनने वाली कमेटी स्कूलों में फीस वसूली की व्यवस्था की मॉनिटरिंग करेगी। निजी स्कूलों में दी जाने वाली सुविधाओं के आधार पर फीस तय की जाएगी। स्कूल प्रबंधन और पीटीए (पेरेंट्स-टीचर एसोसिएशन) से चर्चा की जाएगी। सभी के सुझाव लेने के बाद फीस को तय किया जाएगा। फीस तय करने में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि फीस अभिभावकों का शोषण करने वाली न हो। इसके अलावा फीस में हर साल होने वाली बढ़ोतरी के लिए भी प्रावधान किया जाएगा।
विज्ञापन