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एशिया के इकलौते केंद्र में मोनाल का सफल प्रजनन, अब बढ़ेगा कुनबा

Sun, 24 Jun 2018 01:34 PM IST
मनु शर्मा, अमर उजाला, मनाली (कुल्लू)
मनु शर्मा, अमर उजाला, मनाली (कुल्लू) Updated Sun, 24 Jun 2018 01:34 PM IST
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Successful breeding of Monal in Asias only center in Manali Himachal Pradesh

एशिया के इकलौते केंद्र में दस साल बाद हिमाचल के राज्य पक्षी रहे मोनाल का सफल प्रजनन हुआ है। मनाली के नेचर पार्क में मोनाल प्रजनन केंद्र में इन दिनों एक माह के दो चूजे चहचहा रहे हैं। प्रजनन केंद्र के स्टाफ की कड़ी मशक्कत के बाद दो चूजों का प्राकृतिक तौर पर सफल प्रजनन हुआ है। विलुप्त पक्षियों की श्रेणी में शुमार मोनाल का अब कुनबा बढ़ने की उम्मीद जग गई है। 

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हिमाचल की हिमालयन रेंज में पाया जाने वाला मोनाल अपनी सुंदरता और कलगी के लिए मशहूर है। इसी के चलते यह हमेशा शिकारियों के निशाने पर रहता है। दुर्लभ प्रजाति के इस पक्षी को प्रदेश में राज्य पक्षी का भी दर्जा दिया गया था। साल 1984 में मनाली के नेचर पार्क में नेहरू पक्षीशाला की स्थापना की गई।
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यहां बीमार और घायल पक्षियों के अलावा मोनाल को रखा जाता था। 2008 में सरकार ने अलग से मोनाल प्रजनन केंद्र बनाया। तब से यहां मोनाल के प्राकृतिक तौर पर प्रजनन कराने के प्रयास किए जा रहे थे। मोनाल के चार में से एक जोड़े ने चार अंडे दिए और मई माह में चूजों ने जन्म लिया। दो चूजे मोनाल के पैर के नीचे आने से मर गए।
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केंद्र की देखरेख कर रहे मान सिंह ने बताया कि उनके लिए यह बड़ी कामयाबी है। यहां 7 वर्षों से कलेशा का भी प्राकृतिक तौर पर प्रजनन करवाया जा रहा है। अरण्यपाल अजीत ठाकुर ने बताया कि मोनाल केंद्र में पहली बार दो चूजों सफल प्रजनन हुआ है। वाइल्ड लाइफ कुल्लू के डीएफओ राकेश कुमार ने कहा कि वन कर्मी मान सिंह की मेहनत रंग लाई है। यहां 14 नर और 5 मादा मोनाल हैं।

टोपी पर लगाते हैं मोनाल की कलगी

Successful breeding of Monal in Asias only center in Manali Himachal Pradesh

मोनाल की सुंदर कलगी को कुल्लवी टोपी पर लगाने की परंपरा है। इसके चलते भी यह पक्षी हर वक्त शिकारियों के निशाने पर रहता है। पर्यावरणविद् और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता एमसी ठाकुर ने कहा कि शिकारी महंगे दामों पर कलगी बेचते हैं। वन विभाग को ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
 
8 से 15 हजार फीट में पाया जाता है मोनाल- इन पक्षियों का आवास क्षेत्र हिमाचल, उत्तराखंड, सिक्किम, पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, म्यांमार और चीन में है। मोनाल नेपाल का राष्ट्रीय पक्षी भी है। इसका मई और जून में प्रजनन काल होता है। मादा एक मौसम में एक ही बार अंडे देती है।

मादा अकेले ही अंडे सेती है। नर के सिर पर चटक हरे-बैंगनी रंग की कलगी होती है। मोनाल हिमालय के 8 से 15 हजार फीट की ऊंचाई पर पाया जाता है। इसका मुख्य भोजन फल-फूल एवं कीड़े-मकोड़े हैं।

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