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Success Story: मां ने मनरेगा में लगाई दिहाड़ी, बेटा बन गया सहायक प्रोफेसर
Tue, 13 Jun 2023 06:32 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 13 Jun 2023 06:32 PM IST
सार
निर्धन परिवार से ताल्लुक रखने वाली मोती लाल की माता ने मनरेगा में मेहनत-मजदूरी कर अपने बेटे को इस मुकाम तक पहुंचाया है।
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मोती लाल
- फोटो : संवाद
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विस्तार
मनरेगा में दिहाड़ी लगाकर मेहनत करने वाली चंबा जिले की टेपा पंचायत के द्रडोगा की हमीरू देवी की मेहनत को बेटे मोती लाल ने साकार कर दिखाया है। मोती लाल ने राजनीति शास्त्र में असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा पास की है। उन्होंने सफलता का श्रेय अपनी माता और जेबीटी अध्यापक मनोज कुमार को दिया है। 16 साल की आयु में मोती लाल के पिता का साया उनके सिर से उठ गया। इससे परिवार की सारी जिम्मेवारी माता के कंधों पर आ गई।
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निर्धन परिवार से ताल्लुक रखने वाली मोती लाल की माता ने मनरेगा में मेहनत-मजदूरी कर अपने बेटे को इस मुकाम तक पहुंचाया है। प्रारंभिक शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बैरागढ़ से हुई है। इसके बाद उन्होंने बीए धर्मशाला से की। शिमला विश्वविद्यालय में एमए और पीएचडी की। उन्होंने कहा कि शिमला में चार दिसंबर को उन्होंने असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा दी।
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इसके बाद एक जून को उनका शिमला में साक्षात्कार हुआ। जिसका परीक्षा परिणाम निकल चुका है। परीक्षा उत्तीर्ण करने से परिवार में खुशी का माहौल है। बताया कि उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में जहां एक तरफ मां की कठिन मेहनत है तो वहीं, तीसा विद्यालय के जेबीटी अध्यापक मनोज कुमार का भी काफी सहयोग रहा है। कहा कि बचपन से ही उनका अध्यापक बनने का सपना रहा है।
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