फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   success story hima sharma from himachal.

'कुछ ऐसा करूंगी कि सबको मुझ पर नाज होगा'

Tue, 28 Apr 2015 06:20 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 28 Apr 2015 06:20 PM IST
विज्ञापन
success story hima sharma from himachal.

उम्मीदों के साये में ये जिंदगी,

विज्ञापन

जिंदगी के साये में खुशियां।
बेटी बचाना अपना फर्ज समझो,
ताकि सलामत रहे ये दुनिया।

कुछ इन पंक्तियों के साथ हिमाचल की बेटी हिमा ने अपने इरादे बयां कर दिए हैं। सुनिए उसकी जुबानी पूरी कहानी।

न खुद का घर, न जमीन और न ही जायदाद। दूसरों के घर में काम कर मेरे मां-बाप ने मुझे शिक्षा दी। उनके इसी संघर्ष को देखकर मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।

मां करीब 25 साल से दूसरों के घरों में काम कर रही हैं। पिताजी 10 साल की उम्र में नाहन आ गए। तब से उनका संघर्ष जारी है। सब्जी की दुकान की, लेकिन वह भी कुछ दिन बाद किसी ने छीन ली। पिताजी गरीब घर से थे, इसलिए उच्च शिक्षा हासिल नहीं कर पाए। माता संपन्न घराने से हैं, लेकिन किस्मत के आगे किसी का जोर नहीं चलता है।

जिंदगी में कुछ ऐसा करके दिखाउंगी कि सबको मुझ पर नाज होगा। सिरमौर की हिमा शर्मा ने अपनी भावनाओं को कुछ इस तरह शब्दों में बयां किया।

कहती हैं कि हमारे समाज की एक संकीर्ण सोच आज भी बरकरार है कि किसी के घर में काम करने वाले को गिरी हुई नजरों से देखा जाता है। मेरी मां के सामने जब भी ऐसी स्थिति आई तो उन्होंने इन सबको हमेशा नजरअंदाज किया।

विज्ञापन

लाख कोशिशों के बावजूद मां ने नहीं हारी हिम्मत

success story hima sharma from himachal.

कई बार गंभीर बीमारी की चपेट में आ गईं। पीजीआई में कई ऑपरेशन हुए, लेकिन फिर भी जिंदगी के आगे घुटने नहीं टेके।
बावजूद इसके माता-पिता ने मेरी शिक्षा में कभी रुकावट नहीं आने दी। मैंने गवर्नमेंट कॉलेज नाहन से ग्रेजुएशन की।

इसके बाद बीएड की। अब पीजी कॉलेज नाहन से एमए (अर्थशास्त्र) के फाइनल सेमेस्टर के एग्जाम देने जा रही हूं। तंगहाली के बावजूद मेरे माता-पिता ने मुझे पढ़ाया, इसके लिए मुझे उन पर गर्व है।

समाज की तमाम रूढ़िवादिताओं को तोड़कर एक दिन इतनी काबिल बनूंगी कि हर माता-पिता अपनी बेटी पर गर्व करेंगे। एक बेटी समाज में क्या नहीं कर सकती। मुझे तलाश है बस एक मौके की। मैं साबित कर दूंगी कि बेटियां किसी से कम नहीं।

हिमा शर्मा, नाहन (सिरमौर)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed