{"_id":"62bdb2ed697735315209bfd4","slug":"success-story-anjali-sharma-of-gamru-of-dharamsala-conquered-dio-tibba-peak","type":"story","status":"publish","title_hn":"Success Story: धर्मशाला के गमरू की अंजलि ने फतह की दियो टिब्बा चोटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Success Story: धर्मशाला के गमरू की अंजलि ने फतह की दियो टिब्बा चोटी
Thu, 30 Jun 2022 07:59 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 30 Jun 2022 07:59 PM IST
सार
देश के धर्मशाला के गमरू की बेटी अंजलि शर्मा एक बार फिर शिखर पर पहुंची हैं। गद्दी समुदाय से संबंध रखने वाली अंजलि शर्मा (28) ने 25 जून को पीरपंजाल की सबसे मुश्किल चोटियों में से एक 6,000 मीटर ऊंची दियो टिब्बा चोटी पर तिरंगा फहराया है।
विज्ञापन
धर्मशाला के गमरू की अंजलि
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के गमरू की बेटी अंजलि शर्मा एक बार फिर शिखर पर पहुंची हैं। गद्दी समुदाय से संबंध रखने वाली अंजलि शर्मा (28) ने 25 जून को पीरपंजाल की सबसे मुश्किल चोटियों में से एक 6,000 मीटर ऊंची दियो टिब्बा चोटी पर तिरंगा फहराया है। उन्होंने दावा किया है वह इस सीजन में दियो टिब्बा चोटी फतह करने वाली प्रदेश की पहली महिला बन गई हैं। बचपन में ही सिर से पिता का साया उठने के बाद पहाड़ जैसे हौसले के बलबूते अंजलि लगातार कामयाबी हासिल करती जा रही हैं।
विज्ञापन
अब अंजलि ने जम्मू-कश्मीर के पीरपंजाल पर्वत शृंखला में ही स्थित 7,000 मीटर की ऊंची नून या कून चोटी को फतह करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, इसके लिए अंजलि को स्पांसर की दरकार है। अंजलि ने बताया कि अभी तक एक दर्जन से अधिक चोटियां फतह करने के बावजूद सरकार से कोई मान-सम्मान नहीं मिला है। आर्थिक रूप से भी किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली है। हर चोटी पर चढ़ाई करने से पहले खुद ही बजट जुटाना पड़ता है। कई बार पहाड़ पर चढ़ाई के दौरान जल चुकी स्किन को ठीक करवाने के लिए मेडिकल जांच और दवाइयों के लिए बजट तक उपलब्ध नहीं होता है।
विज्ञापन
अंजलि ने गर्ल्स स्कूल धर्मशाला से पढ़ाई की है। इसके बाद इग्नू से स्नातक और अब पीजी की पढ़ाई भी जारी रखी है। अंजलि ने अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान मनाली से वर्ष 2010-11 में बेसिक और एडवांस कोर्स किया था। इसके बाद सरकारी संस्थानों में छात्रों को गाइड कोर्स करने में प्रशिक्षण भी दिया। अंजलि ने वर्ष 2017 में धौलाधार की सबसे ऊंची चोटी हनुमान टिब्बा पर भी चढ़ाई चढ़ी। 2018 में बतौर लीडर पीरपंजाल की ऊंची चोटी फ्रेंडशिप पीक की चढ़ाई की। इसे लगातार पांच बार फतह कर चुकी हैं। उधर, अंजलि शर्मा का कहना है कि अब उनका लक्ष्य जम्मू-कश्मीर में नून या कून और मांउट एवरेस्ट चोटी को फतह करना है।
विज्ञापन