जंगल में पांच मिनट तक तेंदुए से भिड़ा सुभाष, नहीं छोड़ा साहस
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हिमाचल के सिरमौर जिले के उपमंडल संगड़ाह में 40 साल के एक व्यक्ति पर तेंदुए ने अचानक हमला बोल दिया। हमले में व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संगड़ाह में उपचार चल रहा है। मामला गुरुवार देर शाम का है।
सैंज निवासी सुभाष पुत्र धनवीर सिंह गुरुवार शाम जंगल से पशुओं के लिए चारा लेने गया था। घास काटते वक्त अचानक सुभाष पर तेंदुए ने हमला बोल दिया। इस दौरान सुभाष के साथ कोई नहीं था। करीब 4-5 मिनट तक तेंदुए के साथ सुभाष गुत्थमगुत्था हुआ।
लेकिन, सुभाष ने हिम्मत नहीं हारी। सिर पर पंजे से वार करने के बाद भी सुभाष ने तेंदुए का सामना किया। अंत समय तक सुभाष तेंदुए से अपनी जान बचाने में सफल रहे। तेंदुए के हर वार का सुभाष ने डटकर सामना किया।
बाद में सुभाष की हिम्मत के आगे तेंदुए ने भी अपना साहस खो दिया। तेंदुए से खुद को छुड़ाने के बाद सुभाष तीन किलोमीटर पैदल चलकर घर पहुंचा। हालांकि, रात के समय घायल को अस्पताल नहीं लाया गया।
शुक्रवार को उसे परिजन संगड़ाह अस्पताल लाए। जहां उसके सिर पर कई टांके लगे हैं। सुभाष पुन्नरधार स्कूल में चौकीदार के पद पर तैनात है। संगड़ाह अस्पताल में उपचाराधीन सुभाष की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
उधर, वन मंडल अधिकारी श्रेष्ठानंद शर्मा ने कहा कि घायल शख्स को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने को लेकर भी विचार किया जाएगा। जल्द ही विभाग इस संदर्भ में कार्रवाई अमल में लाएगा।
लंबे समय समय से जारी है तेंदुए का आतंक
सैंज व आसपास के क्षेत्रों में पिछले लंबे समय से तेंदुए का आतंक है। तेंदुए ने कई पशुपालकों के मवेशियों को अपना निवाला बनाया है। ऐसा नहीं है कि ग्रामीणों ने इसकी शिकायत वन विभाग से नहीं की है। कई बार शिकायतों के बाद भी विभाग ने कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई है। अब सुभाष चंद पर हमला होने के बाद विभाग हरकत में आया है।
उधर, स्थानीय समाजसेवी जोगेंद्र राणा व ग्रामीणों ने क्षेत्र में तेंदुए द्वारा मवेशियों को मारे जाने और लोगों पर हमले किए जाने के मामले में वन विभाग और प्रशासन से कार्रवाई की अपील की है। ग्रामीणों ने तेंदुए को पकड़ने के लिए यहां पिंजरा लगाने की भी मांग की है। ताकि, लोगों व मवेशियों की जान को बचाया जा सके।