सरकार के फैसले से सैंकड़ों युवा रहेंगे बेरोजगार
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हिमाचल में सब कांस्टेबल भर्ती नहीं होगी। राज्य गृह विभाग ने वित्त विभाग से मंत्रणा के बाद प्रदेश पुलिस विभाग के इस प्रस्ताव को टर्न डाउन कर दिया है। सरकार के इस फैसले से भविष्य में सैंकड़ों युवाओं को मिलने वाली नौकरी का सपना भी चकनाचूर हो गया है।
पुलिस महकमे ने अनुबंध आधार पर कांस्टेबल से भी निचले पद पर सब कांस्टेबल की भर्ती करने का प्रपोजल रखा था।
इसे सरकार ने खारिज कर दिया है। हाल ही में जहां कैबिनेट ने सब कांस्टेबलों के बजाय 800 कांस्टेबलों की भर्ती का फैसला लिया है, वहीं भविष्य में भी अब सब कांस्टेबलों की भर्ती नहीं होगी।
सूत्रों ने बताया कि सब कांस्टेबलों की भर्ती के पीछे हिमाचल सरकार की मंशा यह थी कि इससे कांस्टेबल से नीचे भी एक और पद का सृजन होगा।
कम वेतन देने की थी तैयारी
ऐसा करने से सरकार पर नई भर्ती का कम बोझ पड़ेगा। तनख्वाह पर कम खर्च होगा। इस पद को अनुबंध आधार पर भरने का भी विचार किया गया। इसके लिए पूरे देश में पुलिस के स्वरूप पर चर्चा हुई। इससे पता चला कि देश में कहीं भी इस तरह की भर्ती नहीं हो रही है।
इसके लिए पुलिस रूल्स में संशोधन करना होगा। पुलिस बलों में इस तरह की भर्ती संविधान सम्मत नहीं है। अंतत: यह निर्णय लिया गया है कि पुलिस में भर्ती सिर्फ नियमित आधार पर ही होगी। सब कांस्टेबलों के नए पद का सृजन नहीं होगा।
राज्य गृह सचिव मनीष गर्ग ने पुष्टि की है कि सब कांस्टेबलों के प्रस्ताव को टर्न डाउन कर दिया गया है।