फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   study shows Vulture numbers rise up for first time in 10 years in Himachal.

हिमाचल में बढ़ने लगा इस वन्य प्राणी का कुनबा

Sun, 30 Aug 2015 12:30 PM IST
प्रवीण कुमार/अमर उजाला, हमीरपुर
प्रवीण कुमार/अमर उजाला, हमीरपुर Updated Sun, 30 Aug 2015 12:30 PM IST
विज्ञापन
study shows Vulture numbers rise up for first time in 10 years in Himachal.

हिमाचल में गिद्धों के कुनबे में आश्चर्यजनक रूप से बढ़ोतरी हुई है। वन्य प्राणी विभाग इसे बड़ी कामयाबी मान रहा है। वर्तमान में चूजों सहित गिद्धों का कुल आंकड़ा 789 पहुंच गया है। साल 2004-05 की बात करें तो इनकी संख्या केवल 75 थी। इनके घोंसलों में भी वृद्धि हुई है। यह संख्या 274 हो गई है। दस साल पहले महज 26 घोंसले थे।अब इनकी संख्या 274 पहुंच गई है।

विज्ञापन


वन्य जीव विभाग हमीरपुर के डीएफओ सुभाष पराशर के मुताबिक विभाग को शिवालिक की पहाड़ियों में गिद्धों की 35 प्रजनन कॉलोनियां भी मिली हैं। विभाग ने गिद्धों की प्रजाति को संरक्षित करने और इनकी संख्या बढ़ाने के लिए भोजन की व्यवस्था भी कर दी है। कांगड़ा जिले के पौंग डैम और नगरोटा सूरियां में विभाग ने दो फीडिंग स्टेशन बनाए हैं।
विज्ञापन


डिक्लोफिनेक दवाई से खत्म हो रही थी प्रजातिवर्ष 1990 में गिद्धों की संख्या में 95 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। विभाग ने जब इनकी संख्या कम होने के कारणों की खोज शुरू तो इसके लिए डिक्लोफिनेक नामक दवाई को बड़ा कारण माना गया। विशेषज्ञों का मानना था कि पशुपालक मवेशियों को यह दवाई देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मवेशियों की मौत के बाद जब इन्हें खुले में फेंका जाता है तो मृत मवेशियों की के पूरे शरीर में इस दवाई का असर रहता है। मृत मवेशियों के मांस के सेवन से गिद्धों की मौत होने का दावा किया गया। इसके बाद दवा बैन कर दी गई थी।



विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed