Himachal: कॉलेजों में साइबर शिक्षा का पाठ पढ़ेंगे विद्यार्थी, पाठ्यक्रम में शामिल होगा विषय
सरकारी, गैर सरकारी कार्यालय और काॅलेजों में छात्रों को साइबर शिक्षा का पाठ पढ़ाया जाएगा। साइबर पुलिस ने इसकी पहल की है। एसजेवीएन में कर्मचारियों को साइबर अपराध की जानकारी दी गई है।
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हिमाचल के सरकारी, गैर सरकारी कार्यालय और काॅलेजों में विद्यार्थियों को साइबर शिक्षा का पाठ पढ़ाया जाएगा। साइबर पुलिस ने इसकी पहल की है। एसजेवीएन में कर्मचारियों को साइबर अपराध से निपटने की जानकारी दी गई है। कोटशेरा कॉलेज में भी साइबर पुलिस विद्यार्थियों को जागरूक करेगी। साइबर अपराध को पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा है। हिमाचल प्रदेश में प्रतिदिन साइबर ठगी की 15 से 20 शिकायतें दर्ज हो रही हैं। शिमला, हमीरपुर, चंबा में 15 से 70 लाख रुपये तक लोग साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। हिमाचल में लगातार साइबर अपराध बढ़ रहा है। साइबर अपराधी हिमाचल के लोगों को अपने जाल में फंसाकर खातों से लाखों रुपये उड़ा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि हर व्यक्ति के हाथ में स्मार्ट फोन है।
साइबर अपराधी लोगों को अपने जाल में फंसाने लिए मोबाइल पर मैसेज भेजते हैं। ईमेल भेजना, ऑनलाइन उत्पीड़न, ‘साइबर स्टॉकिंग, डेबिट, क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, एटीएम धोखाधड़ी, बिजली के बिल और अश्लील वीडियो से भी लोगों को ठगा जा रहा है। वर्ष 2017 में 972 लोग साइबर अपराधियों की ठगी का शिकार हुए थे। वर्ष 2022 में यह आंकड़ा 9,110 हो गया। वर्ष 2017 में 1,723, वर्ष 2019 में 3,057, 2020 में 6,451 और वर्ष 2022 में 9,110 लोगों को साइबर अपराधियों ने ठगा है। वर्ष 2022 में हेल्पलाइन नंबर 1,930 में करीब 116 शिकायतें दर्ज हुई हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक साइबर भूपिंद्र नेगी ने कहा कि कर्मचारियों और कॉलेज विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बारे में जानकारी दी जा रही है।