विद्यार्थियों को स्कूल आने के लिए शिक्षक से फोन पर लेना होगा समय
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स्कूलों में शिक्षकों से गाइडेंस लेने के लिए आने वाले नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को अब स्कूल आने से पहले शिक्षकों से फोन पर समय लेना होगा। स्कूलों में भीड़ एकत्र होने से रोकने को उच्च शिक्षा निदेशालय ने यह नई व्यवस्था की है। दिए गए समय के अनुसार ही स्कूलों में रोजाना सिटिंग प्लान भी तैयार होगा। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि कोरोना संकट के बीच स्कूलों में बहुत अधिक संख्या में बच्चे एक साथ एकत्र न हो जाएं, इसके लिए विद्यार्थियों को स्कूल आने से पहले संबंधित शिक्षक से फोन पर संपर्क करने को कहा गया है।
संबंधित शिक्षक देखेंगे कि कितने बच्चों के फोन आए हैं। उस आधार पर ही अलग-अलग समय में उन्हें आने को कहा जाएगा। इससे बच्चों को स्कूल में आकर शिक्षक को ढूंढने के लिए भटकना भी नहीं पड़ेगा। नई व्यवस्था से स्कूल स्टाफ को अवगत करवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि अभिभावक स्वयं भी नजर रखे कि बच्चे सीधे स्कूल ही आएं और वापस सीधे घर ही जाएं। निदेशक ने बताया कि फर्स्ट टर्म परीक्षाओं का मूल्यांकन जारी है। जल्द ही परिणाम तैयार कर लिए जाएंगे।
कॉलेजों में परीक्षाएं हुई तो 15 से 20 दिन पहले देंगे सूचना
उच्च शिक्षा निदेशक ने बताया कि अभी कॉलेजों में फर्स्ट और सेकेंड ईयर के विद्यार्थियों की परीक्षाएं लेने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है। यूजीसी की ओर से जारी नए शेड्यूल भी इसका उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से इस बाबत निर्देश मिलते ही आगामी फैसला लिया जाएगा। विद्यार्थियों को परीक्षाएं होने की सूचना कम से कम 15 से 20 दिन पहले दी जाएगी।
गाइडेंस लेने चार दिन में 24 हजार विद्यार्थी आए स्कूल
हिमाचल में शिक्षकों से गाइडेंस लेने के लिए स्कूल खुलते ही चार दिन के भीतर 23 हजार 953 विद्यार्थी स्कूलों में आए हैं। 21 सितंबर से केंद्र सरकार ने गाइडेंस लेने के लिए नौवीं से जमा दो कक्षा के विद्यार्थियों को आने की मंजूरी दी थी।
21 से 24 सितंबर तक सभी जिलों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 23 हजार 953 विद्यार्थियों ने स्कूलों में आकर परामर्श लिया। इस दौरान 49 हजार 955 शिक्षकों-गैर शिक्षकों ने भी हाजिरी भरी।