हालात बिगड़े, एचपीयू समेत कॉलेजों में पढ़ाई बंद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फीस बढ़ोतरी वापस लेने और छात्र संघ चुनावों की बहाली को लेकर जारी आंदोलन के बीच एचपी यूनिवर्सिटी समेत प्रदेश के कॉलेजों में सोमवार को पढ़ाई ठप रही। एसएफआई और एबीवीपी के साझे मोर्चे के चलते किसी भी कॉलेज में पढ़ाई नहीं हो पाई।
दोनों गुटों की संयुक्त संघर्ष समिति ने कॉलेजों में कक्षाओं का बहिष्कार किया और धरना प्रदर्शन किए। इसके अलावा सभी कॉलेजों में प्रदेश सरकार और कुलपति के पुतले भी फूंके गए हैं।
उधर, कालेजों में कक्षाएं न होने के कारण अधिकतर छात्र छुट्टियों पर चले गए हैं। इससे परिसरों में सन्नाटा छा गया है। दोनों छात्र संगठनों ने 25 सितंबर तक विश्वविद्यालय सहित कालेजों में पूर्ण शिक्षा बंद रखने का दावा किया है।
सरकार के खिलाफ भी गुस्से में छात्र
वहीं, सरकार के रवैए को लेकर भी छात्र संगठन गुस्से में हैं। सरकार ने अभी तक इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया है। जेसीसी सदस्यों का कहना है कि नौ महीने बाद निकाले गए रूसा के रिजल्ट में भारी गलतियां है।
अपने काम में विश्वविद्यालय प्रबंधन पूरी तरह विफल साबित हुआ है। एबीवीपी के आशीष सिक्टा का कहना है कि छात्र आंदोलन को कुचलने के लिए सरकार दमन की नीति अपना रही है। पूर्ण शिक्षा बंद को विफल करने के लिए छात्र नेताओं को जबरन गिरफ्तार किया जा रहा है।
सोमवार को हमीरपुर कालेज से छात्र नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। संघर्ष समिति का कहना है कि 26 सितंबर को शिमला में विशाल रोष रैली का भी आयोजन किया जाएगा।
कैसे होगी पढ़ाई?
एचपीयू में पढ़ाई ठप होने से छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर रिजल्ट लटक रहा है तो दूसरी ओर अब पढ़ाई भी ठप हो गई है। आए दिन कॉलेज छात्र परीक्षा संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने विवि आ रहे हैं। मगर यहां पढ़ाई न होने और कामकाज ठप होने से छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कुलपति से मांगा इस्तीफा
संघर्ष समिति ने विश्वविद्यालय के कुलपति से इस्तीफे की मांग की है। विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के कालेजों में बिगडे़ शैक्षणिक माहौल के लिए संषर्घ समिति ने कुलपति को जिम्मेवार बताया है। समिति का कहना है कि कुलपति सरकार को भी गुमराह कर रहे हैं।