ऐसा शपथ ग्रहण समारोह, जहां कोई नहीं आया
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प्रदेश विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद के फैसले के मुताबिक तैयार किये अपने ही मनोनयन से एससीए गठन के फार्मूले पर एक बार फिर से फेल साबित हो गया।
विश्वविद्यालय प्रशासन की वीरवार को दोपहर तीन बजे सभागार में तय शपथ ग्रहण मेरिट आधार पर मनोनित छात्रों के न पहुंचने के कारण नहीं हो पाया। करीब साढ़े तीन बजे जरूर तीन छात्राएं शपथ लेने को पहुंची, जो बाद में सीधे कुलपति से ही मिली।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण अधिकारी एमएस चौहान सहित उनका पूरा स्टाफ पूरी तैयारियों के साथ छात्रों की राह देखता रह गया। सभागार में शपथ ग्रहण समारोह को स्टेज पर कुर्सियां सज गई थी, छात्रों में बांटने को लड्डूू तक मंगवा लिये गए थे, मगर अंतत: विवि प्रशासन को समारोह को स्थगित करना पड़ा।
कुलपति कह रहे शपथ ग्रहण समारोह स्थगित करने की बात
हालांकि कुलपति शपथ ग्रहण समारोह को स्थगित करने की बात कह रहे है, मगर उनके इस फैसले की डीएसडब्लू कार्यालय तक सूचना नहीं मिली।
प्रत्यक्ष मतदान कर एससीए चुने जाने पर रोक लगाकर मनोनयन से एससीए गठन के फामूर्ले का विरोध कर रहे छात्र संगठनों ने एक बार फिर से विश्वविद्यालय की एससीए गठन की पूरी प्लानिंग को फेल कर दिया।
24 अक्तूबर को मनोनित एससीए के तीन पदाधिकारियों के इस्तीफे मिल जाने पर फार्मूला फेल साबित हुआ, और अब शपथ ग्रहण समारोह में सभागार खाली रह गया। सभागार और कुलपति कार्यालय के बाहर पुलिस के कड़े सुरक्षा इंतजाम किये गए थे।
निर्धारित से तीन बजे से पूर्व सभागार में इक्के दुक्के छात्र बैठे भी थे, मगर तीन बजते ही पूरे का पूरा सभागार खाली हो गया। सभागार में फिर सिर्फ डीएसडब्लू और उनका सहयोगी स्टाफ ही मनोनित एससीए सदस्यों और पदाधिकारियों की सूची के साथ खड़ा था। सभी को सिर्फ छात्रों का ही इंतजार था।
तीन मुख्य पदाधिकारी 6 डीआर दे चुके है इस्तीफा
एचपीयू एससीए के लिये मनोनित हुए तीन मुख्य पदाधिकारी उपाध्यक्ष, सचिव और सह सचिव के साथ ही 6 विभागीय प्रतिनिधि पद से इस्तीफा दे चुके है।
इसमें इन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से एससीए गठन का विरोध करते हुए पद न संभालने की बात की है। इसके साथ ही उन्हें विश्वास में लिये बिना ही मनोनित करने करने का आरोप भी लगाया है। डीएसडब्लू प्रो. एमएस चौहान ने माना कि कुल नौ इस्तीफे उनके पास पहुंचे है। अब दोबारा से कुलपति से समय लेकर शपथ ग्रहण समारोह रखा जाएगा।
विवि के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी का तर्क है कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर गठित कमेटी की बैठक के कारण शपथ ग्रहण समारोह स्थगित कर दिया गया।
बीते रोज मनोनित 16 एससीए सदस्यों के साथ हुई बैठक में ही समारोह करवाने का फैसला लिया गया था। जिसे बाद में स्थगित कर दिया गया था। तैयारियों के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सवाल आप डीएसडब्लू से ही पूछे।