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इस सरकारी हाई स्कूल के भवन का बच्चे दे रहे 12 साल से किराया

Thu, 20 Sep 2018 11:20 AM IST
रोशन ठाकुर, अमर उजाला, कुल्लू
रोशन ठाकुर, अमर उजाला, कुल्लू Updated Thu, 20 Sep 2018 11:20 AM IST
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students in giving Rent of government high school for 12 years in kullu

कुल्लू। सरकारी स्कूलों को किराये के भवन में चलाने के कई मामले सुनने को मिलते हैं, लेकिन इस स्कूल में भवन का किराया स्कूल के बच्चे देते हैं। वो भी पिछले बारह साल से। दिलचस्प है कि स्कूल में 133 बच्चे पढ़ते हैं, जो प्रति बच्चा सालाना एक हजार रुपये से अधिक की राशि का भुगतान करता है।

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सरकार ने इस स्कूल को बारह साल पहले प्राइमरी से हाई स्कूल का दर्जा तो दे दिया लेकिन न भवन दिया और ना ही वैकल्पिक व्यवस्था। ऐसे में स्कूल निजी भवन में चल रहा है। प्रार्थना सभा और खेल गतिविधियां किराये पर लिए गए खेत में होती हैं। 
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जिला कुल्लू की ऊझी घाटी में सरकारी हाई स्कूल हलाण-1 को पिछले बारह साल से ऐसे हालात में ही चलाया जा रहा है। स्कूल को भवन की सुविधा नहीं मिली तो स्कूल प्रबंधन समिति ने जुगाड़ से निजी भवन में स्कूल चलाना शुरू करवाया।
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आश्वासन से अधिक किसी ने सुध नहीं ली

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इसके लिए बच्चे हर साल 1.38 लाख रुपये समिति को देते हैं, जहां से यह पैसा किराये के तौर पर भवन मालिक को दे दिया जाता है। निजी स्कूलों की तर्ज पर खर्चीली साबित हो रही इस सरकारी स्कूल की शिक्षा का हाल मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, वन एवं परिवहन मंत्री से भी बयान किया जा चुका है।

लेकिन आश्वासन से अधिक किसी ने सुध नहीं ली। समिति सदस्याें के अनुसार वे वर्ष 2007 से इस समस्या को तकरीबन हर मंच पर उठा चुके हैं। स्कूल प्रबंधन समिति ने सभी अभिभावकों की सहमति से हलाण-1 गांव में दो भवनों में पांच कमरे किराये पर लिए हैं।

इसमें एक भवन में दो कमरे हैं, जिसका किराया तीन हजार प्रतिमाह के हिसाब से सालाना 36 हजार रुपये बनता है। दूसरे भवन में तीन कमरों को सालाना 72 हजार रुपये किराया दे रहे हैं।

स्कूल में खेल मैदान न होने से छात्रों की प्रार्थना सभा व खेलने के लिए एक खेत किराये पर लिया है। इसका किराया सालाना 30 हजार रुपये दिया जा रहा है। यह सब पैसा स्कूल प्रबंधन समिति यहां शिक्षा ग्रहण करने वाले 133 विद्यार्थियों से वसूल करती है। 

12 सालों से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़

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एसएमसी के अध्यक्ष अनूप राम, कृष्ण लाल, भीर चंद, मनी राम तथा लाल चंद, अभिभावक हुकम, छपे राम, तारा चंद, विकास कमेटी हलाण-1 के अध्यक्ष जगरनाथ, दुनी चंद मेहर चंद, मोहन लाल, काका राम, गुप्त राम, केहर सिंह, देव राज, अमर चंद, रोशन लाल, योग राज, मीरा देवी, मोहनी देवी, सरला देवी

तथा ओम प्रकाश ने कहा कि 12 सालों से उनके बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। वे मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री व स्थानीय विधायक एवं वन मंत्री से इस मांग को रख चुके हैं।

मामला ध्यान में है। भवन निर्माण के लिए अतिरिक्त धन की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही इसके टेंडर करवा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।  
-गोविंद सिंह ठाकुर, वन, परिवहन एवं खेल मंत्री

एक भवन के कमरों को खाली करने का अल्टीमेटम

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शिक्षा विभाग ने भवन निर्माण के लिए बजट भी जारी कर दिया है। भवन बनने वाली जगह को भी विभाग के नाम स्थानांतरित कर दिया है। लेकिन लोनिवि अभी तक स्कूल भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं कर पाया है।ऐसे में लोनिवि के कार्यप्रणाली भी सवाल उठ रहे हैं।

 किराये पर लिए तीन कमरों को मकान मालिक ने अक्तूबर के बाद खाली करने को कहा है। एसएमसी के अध्यक्ष अनूप राम ने कहा कि उनका भवन मालिक से अक्तूबर माह तक एग्रीमेंट हुआ है।इसके बाद किराया 1.20 लाख देने या फिर कमरों को खाली करने को कहा है। वर्तमान में इसका किराया करीब 72 हजार सालाना दिया जा रहा है।  

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