नकल करने से रोका तो ये क्या कर बैठा छात्र?
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परीक्षा के दौरान नकल कर रहे छात्र को टीचर ने रंगे हाथ पकड़ा। मगर जब टीचर उसे रोकने लगा तो कुछ ऐसा हुआ कि सभी दंग रह गए। यह मामला हिमाचल के बद्दी का है। यहां एक टीचर को छात्र को नकल करने से मना करना महंगा पड़ गया।
इस परीक्षा केंद्र में जब अध्यापक ने बच्चे को नकल करने से रोका तो छात्र ने अध्यापक को ही गले से पकड़ लिया। इसे धमकी दी जिसे देख सभी छात्र और टीचर हैरान रह गए। अन्य अध्यापकों ने आकर अध्यापक को छात्र के चंगुल से छुड़वाया।
मामला बढ़े न, इसके लिए विद्यार्थी के अभिभावक पहुंच गए। वहीं स्कूल की किरकिरी न हो, इसके लिए प्रबंधन भी पहुंच गया। इस पर अध्यापक ने कोई कार्रवाई नहीं की। अध्यापकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह नकल रोकने के लिए किसी पर ज्यादा दबाव नहीं डाल सकते हैं।
यहां नकल करवाने के हाईटेक तरीके
कई अभिभावक मारने के लिए आ जाते हैं। जबकि सुरक्षा को लेकर स्कूल में कोई प्रबंध नहीं होता है। एसडीएम ललित जैन ने बताया कि इस बारे में उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है।
वहीं, सोमवार से शुरू हुईं बोर्ड की परीक्षाओं में नकल रोकने के तमाम दावे खोखले साबित हो रहे हैं। कई अभिभावकों और स्टाफ की सांठगांठ नकल को फलने फूलने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
आलम यह है कि परीक्षा केंद्र में अगर कोई अधिकारी दाखिल होता है कि इसकी सूचना सीटियों आदि से पेपर दे रहे छात्रों और ड्यूटी दे रहे स्टाफ तक पहुंच जाती है। पर्चियों को खिड़िकयों से बाहर फेंक दिया जाता है। शिक्षा विभाग और प्रशासन में तालमेल की कमी के चलते बोर्ड परीक्षाओं का तमाशा बना हुआ है।
प्रशासन ने किए ये दावे
उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक जीवन शर्मा ने बताया कि एसडीएम नालागढ़ नकल रोकने के लिए कारगर कदम उठा रहे हैं। प्रशासन के साथ मिलकर स्टाफ भी लगा है। नकल रोकने का जिम्मा प्रशासन की अगुवाई में हो रहा है।
उधर, उपायुक्त सोलन मदन चौहान ने बताया कि अगर ऐसा है तो यह निंदनीय है। इसे लेकर संबंधित अधिकारियों को जांच के आदेश दिए जाएंगे। नकल करने वालों को किसी सूरत में नहीं बख्शा जाना चाहिए। अगर कोई प्रधानाचार्य या टीचर नकल को बढ़ावा देता है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए।